भारत पेरिस पैरालंपिक (28 अगस्त से आठ सितंबर) में 84 खिलाड़ियों का अपना अब तक का सबसे बड़ा दल भेज रहा है जो 12 खेलों में हिस्सा लेंगे। 2021 में हुए टोक्यो पैरालंपिक में भारत के 54 खिलाड़ियों ने नौ खेलो में हिस्सा लिया था। खेल मंत्रालय ने दल को स्वीकृति देते हुए कहा, कुछ पैरा खिलाड़ियों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दल में निजी कोच को शामिल किया गया है। हालांकि वे मिशन प्रमुख/टीम के मुख्य कोच के निर्देशों के अनुसार अन्य खिलाड़ियों को भी आवश्यक सेवाएं प्रदान करेंगे। मिशन प्रमुख और पैरा बैडमिंटन के लिए एक टीम मैनेजर को छोड़कर पूरे दल (खिलाड़ियों, दल के अधिकारियों, कोच) की भागीदारी का खर्च सरकार उठाएगी।
भारत की 84 सदस्यीय टीम 28 अगस्त से शुरू हो रहे पेरिस पैरालंपिक में हिस्सा लेगी जिसमें उनके साथ 95 अधिकारी भी जाएंगे। इनमें खिलाड़ियों की विशेष जरूरतों को देखते हुए उनके साथ जाने वाले निजी कोच और सहायक भी शामिल हैं। इस तरह भारत के दल में कुल 179 सदस्य शामिल हैं। इन 95 अधिकारियों में से 77 टीम अधिकारी, नौ दल के चिकित्सा अधिकारी और नौ अन्य दल अधिकारी शामिल हैं।
सुमित और अवनि को मिलेंगे निजी कोच
भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल और निशानेबाज अवनि लेखरा उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें निजी कोच मिलेंगे। ये दोनों टोक्यो पैरालंपिक में अपना स्वर्ण पदक बचाने की कोशिश करेंगे। पैरा एथलेटिक्स टीम 38 प्रतिभागियों के साथ भारत की सबसे बड़ी टीम है। इसमें सबसे अधिक संख्या में निजी कोच और सहायक कर्मी भी शामिल हैं। मिशन प्रमुख और पैरा बैडमिंटन टीम के मैनेजर को छोड़कर दल के सभी सदस्यों को खेलों के दौरान ठहरने की आवश्यक और वास्तविक अवधि के अनुसार 50 अमेरिकी डॉलर (करीब 4,190 रुपये) प्रतिदिन का भत्ता मिलेगा जिसमें अनुकूलन और प्रशिक्षण अवधि के अलावा दो दिन की आने-जाने की यात्रा का समय भी शामिल होगा।
कुछ अधिकारी रहेंगे खेल गांव के बाहर
भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया और मिशन प्रमुख सत्य प्रकाश सांगवान सहित एक बड़ा जत्था रविवार को पेरिस के लिए रवाना हुआ। झाझरिया ने कहा कि वह सभी खिलाड़ियों का ध्यान रखने के लिए खेल गांव के बाहर रहेंगे क्योंकि कुछ खिलाड़ी पेरिस के बाहर प्रतिस्पर्धा करेंगे। भारत ने पिछले टोक्यो पैरालंपिक में 19 पदक (पांच स्वर्ण, आठ रजत, छह कांस्य) जीते थे जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।