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टोक्यो ओलंपिक: सुमित नागल ने रचा इतिहास, 25 साल बाद यह कमाल करने वाले पहले भारतीय  

Sat, 24 Jul 2021 08:56 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो

सार

  • सुमित ने टेनिस के पहले मुकाबले में डेनिस को दी शिकस्त, अब मेदवेदेव से होगा सामना
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सुमित नागल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुमित नागल ओलंपिक में 25 साल में पुरुष एकल स्पर्धा में जीत दर्ज करने वाले पहले जबकि कुल तीसरे भारतीय टेनिस खिलाड़ी हैं। हरियाणा के नागल ने डेनिस इस्तोमिन को दो घंटे 34 मिनट तक चले पहले दौर के मुकाबले में 6-4, 6-7,6-4 से मात दी। अब नागल का सामना दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी रूस के दानिल मेदवेदेव से होगा। मेदवेदेव ने पहले दौर में कजाखस्तान के अलेक्जेंडर बुबलिक को 6-4, 7-6 से हराया। जीशान अली ने सियोल ओलंपिक (1988) में पराग्वे के विक्टो काबालेरो को हराया था। उसके बाद लिएंडर पेस ने ब्राजील के फर्नाडो मेलिजेनी को हराकर अटलांटा ओलंपिक 1996 में कांस्य पदक जीता था। पेस के बाद से कोई भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक में एकल मैच नहीं जीत सका है। सोमदेव देववर्मन और विष्णु वर्धन लंदन ओलंपिक 2012 में पहले दौर में ही हार गए थे। नागल ओलंपिक से पहले अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं थे।

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सात्विक-चिराग ने तीसरे नंबर की जोड़ी को चौंकाया 

भारतीय शटलर सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने ओलंपिक के अपने पहले ही मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की चीनी ताइपे की जोड़ी यांग ली और चि लिन वांग को हराकर बड़ा उलटफेर किया। दुनिया की दसवें नंबर की जोड़ी चिराग और सात्विक ने ली और वांग को तीन गेम में 21-16,16-21, 27-25 से पराजित किया। सात्विक और चिराग ने अपने प्रतिद्वंद्वियों का बराबरी से सामना करके एक घंटे छह मिनट में जीत दर्ज की। हालांकि एकल में बीसाई प्रणीत इस्राइल के निचली रैंकिंग के मीशा जिल्बरमैन से सीधे गेम में हार गए। विश्व चैंपियनशिप 2019 के कांस्य पदक विजेता और 15वीं रैंकिंग वाले प्रणीत को 47वीं रैंकिंग वाले मीशा के हाथों 41 मिनट तक चले मुकाबले में 17-21, 15-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। प्रणीत का सामना अब दुनिया के 29वें नंबर के खिलाड़ी नीदरलैंड के मार्क काजोउ से होगा।

सुशीला पहले ही दौर में इवा से हारीं 

जूडो खिलाड़ी सुशीला देवी (48 किग्रा) की चुनौतीपहले ही दौर में हंगरी की इवा सेरनोविज्की के हाथों हारकर खत्म हो गई। लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सेरनोविज्की ने अंतिम 16 में प्रवेश कर लिया जहां उसका सामना जापान की फुना तोनाकी से होगा। सुशीला ने काफी जुझारूपन दिखाया लेकिन एक छोटी सी गलती के कारण उन्हें मैच गंवाना पड़ा। मणिपुर की 26 वर्षीय इस खिलाड़ी के लिए वैसे भी राह आसान नहीं थी। वह इस बार ओलंपिक में भारत की एकमात्र भारतीय चुनौती थी।

नौकायन खिलाड़ी सेमीफाइनल से चूके, रेपचेज में खेलेंगे 

नौकायन खिलाड़ी अरविंद सिंह और अर्जुन लाल जाट पुरुषों की लाइटवेट डबलस्कल्स स्पर्धा में अपनी हीट में पांचवें स्थान पर रहकर रेपचेज दौर में पहुंच गए। दूसरी हीट में उतरी भारतीय जोड़ी ने छह टीमों की स्पर्धा में 6:40.33 सेकंड का समय निकाला और सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी। शीर्ष दो टीमें आयरलैंड (6:23.74 सेकंड) और चेक गणराज्य (6 :28.10 सेकंड) सेमीफाइनल में पहुंची। पोलैंड, यूक्रेन, उरूग्वे और भारत ने रेपेचेज में जगह बनाई। रेपचेज दौर में खिलाड़ियों को क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल या फाइनल में जगह बनाने का एक और मौका मिलता है। अर्जुन ने बोअर की भूमिका निभाई तो अरविंद स्ट्रोकर थे। दोनों 1500 मीटर तक पीछे चल रहे थे लेकिन आखिरी 500 मीटर में तेजी दिखाकर पांचवें स्थान पर रहे। इस वर्ग में दो खिलाड़ी एक नाव में होते हैं और दो दो चप्पू का इस्तेमाल करते हैं।
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चोटिल मुक्केबाज विकास पहले ही दौर में हुए बाहर 

भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण (69 किग्रा) को अपने पहले मुकाबले में स्थानीय दावेदार सेवोनरेट्स क्विंसी मेनसाह ओकाजावा के हाथों एकतरफा मुकाबले में 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। इससे इन खेलों में देश की नौ सदस्यीय टीम की शुरुआत निराशाजनक रही। इस मुकाबले के दौरान 29 साल के विकास की आंख के पास से खून भी आने लगा। उनकी बाईं आंख के नीचे कट लगा। टीम सूत्रों का हालांकि कहना है कि विकास कंधे में हल्की चोट के बावजूद मुकाबले में उतरे। जापान के ओकाजावा ने शुरुआत से अंत तक मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और उन्हें दो बार के ओलंपियन भारतीय मुक्केबाज के खिलाफ किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। घाना मूल के 25 वर्षीय ओकाजावा 2019 एशियाई चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता हैं। ओकाजावा राउंड ऑफ 16 में तीसरे वरीय क्यूबा के रोनियल इग्लेसियास से भिड़ेंगे। इग्लेसियास 2012 ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन भी हैं। 
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