इन सारे कार्यों से संबंधित जरूरी सूचनाएं अलग-अलग एप के जरिए या वेबसाइट पर डालने की जिम्मेदारी भी आने वाले व्यक्ति पर ही डाली गई है। लेकिन यहां पहुंचे लोगों का तजुर्बा है कि इसमें उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। ऐसी तरीकबन आधा दर्जन एप या वेबसाइट को उन्हें एक्सेस करना पड़ा है। इसके लिए बनाए गए नियमों ने खास कर पत्रकारों के लिए मुश्किलें खड़ी की। पत्रकारों के लिए यहां यह जरूरी किया गया है कि जिन स्पर्धाओं को वो कवर करना चाहते हैं, उसके लिए उन्हें रोजाना के स्तर पर अर्जी देनी होगी। ये अर्जी वे पत्रकार ही दे सकेंगे, जिनकी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी हो गई है।
ऐसे नियमों के कारण पत्रकारों को भारी मुश्किल हुई है। स्पेन के एक पत्रकार ने इस बारे में जो रिपोर्ट लिखी, उसके लिए उसने कई पत्रकारों से संपर्क किया। उस दौरान उनसे उसने एक सवाल यह पूछा- ‘क्या आपको इस प्रक्रिया के दौरान चिंता, घबराहट या आक्रोश महसूस हुआ।’ अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस.कॉम में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक खुद आयोजकों ने भी माना है कि कठिन प्रक्रिया के कारण दिक्कतें हुई हैं। पत्रकारों को भेजे एक ईमेल में आयोजकों की तरफ से कहा गया- ‘हम जानते हैं कि तैयारी और यहां आने के लिए की गई यात्रा के दौरान आगंतुकों को काफी दबाव और तनाव झेलना पड़ा है। हम आपके यहां आने में हुई दिक्कतों के लिए माफी मांगते हैँ।’
वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में बताया गया है कि कई तकनीकी मुद्दों के कारण पत्रकारों को मुश्किल हुई। इस रिपोर्ट के लेखक पत्रकार ने बताया है कि उसने एक विदेशी पत्रकार को एक वॉलिंटियर से झगड़ते देखा, क्योंकि उसे जो जानकारी चाहिए थी, उसे बताने वाला कोई वहां नहीं था। वह वॉलिंटियर उस पत्रकार से ईमेल करने या वहां बताए गए एक नंबर पर फोन करने को कह रहा था। लेकिन उस नंबर पर फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिल रहा था।
इस रिपोर्ट में कहा गया है- ‘टेक्नोलॉजी जरूरी है, लेकिन खेलों के सुरक्षित आयोजन के लिहाज से यह अपर्याप्त है। कई तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से आयोजकों और आगंतुकों दोनों को मुश्किलें हुईं। अगर वहां कोई व्यक्ति सहायता के लिए होता, तो ये दिक्कतें नहीं होतीं। लेकिन माना गया कि संक्रमण से बचाव के लिए टेस्टिंग और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है।’