पुरस्कारों के लिए आवेदन निकालते समय मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि डोपिंग के दागी ऐसे खिलाड़ी जो अपना प्रतिबंध पूरा कर चुके हैं और उसके बाद पदक विजेता बने हैं वे पुरस्कार के योग्य होंगे।
एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता डिस्कस थ्रोअर सीमा अंतिल, मुक्केबाज अमित पंघाल और ट्रिपल जंपर रंजीत महेश्वरी का देश के सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार पाने का सपना अभी पूरा नहीं होगा।
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खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि डोपिंग के दागी राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के योग्य नहीं होंगे। मंत्रालय ने 19 मई को निकाले आदेश की जगह पुराने को बहाल कर दिया है।
इसके बाद पंघाल ने खेल रत्न और महेश्वरी ने अर्जुन के लिए आवेदन किया था। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय फिलहाल इस तरह का आदेश जारी कर किसी विवादों में नहीं फंसना चाहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उसने पुराने आदेश को बहाल किया है।
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कमेटी ने की थी सिफारिश
सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने पुरस्कार योजना में संशोधन के लिए कुछ वर्ष पहले एक कमेटी गठित की थी। इसने सिफारिश की थी कि डोप में फंसकर अपना प्रतिबंध पूरा कर चुके पदक विजेताओं को पुरस्कार के योग्य माना जाए। पूर्व खेल मंत्री किरेन रिजिजू भी इसके हक में थे।