केंद्र सरकार ने मंगलवार (25 जनवरी) को पद्म पुरस्कारों की घोषणा की। भारत को टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाने वाले भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। मंगलवार को ही नीरज को परम विशिष्ट सेवा मेडल देने की घोषणा हुई थी। वहीं, टोक्यो पैरालंपिक खेलों में रजत पदक जीतने वाले देवेंद्र झांझरिया को पद्म भूषण के लिए चुना गया है। केरल में कलारीपयट्टू सिखाने वाले शंकरनारायण मेनन को भी पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।
देवेंद्र झांझरिया के अलावा टोक्यो पैरालंपिक में हिस्सा लेने वाले तीन अन्य खिलाड़ियों को पद्म पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें स्वर्ण पदक जीतने वाले भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, बैडमिंटन में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रमोद भगत, निशानेबाजी में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने वाली अवनी लेखरा शामिल हैं।
नीरज चोपड़ा अमेरिका के सैन डिएगो में ट्रेनिंग के लिए गए हुए हैं। पद्म पुरस्कार के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने वीडियो जारी कर कहा- परम विशिष्ट सेवा मेडल और पद्मश्री के बारे में मुझे पता चला। आपकी शुभकामनाओं और सहयोग के लिए धन्यवाद। अभी मैं सुबह की ट्रेनिंग के लिए आया हूं। इसी तरह मेहनत करता रहूंगा और देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा। जिन्हें भी अवॉर्ड के लिए चुना गया है उन्हें बधाई।
| नाम |
खेल |
राज्य |
पुरस्कार |
| देवेंद्र झांझरिया |
भाला भेंक |
राजस्थान |
पद्म भूषण |
| नीरज चोपड़ा |
भाला फेंक |
हरियाणा |
पद्म श्री |
| सुमित अंतिल |
भाला फेंक |
हरियाणा |
पद्म श्री |
| प्रमोद भगत |
बैडमिंटन |
ओडिशा |
पद्म श्री |
| शंकरनारायण मेनन चुंडायिल |
कलारीपयट्टू |
केरल |
पद्म श्री |
| फैसल अली डार |
कुंग फू |
जम्मू-कश्मीर |
पद्म श्री |
| अवनी लेखरा |
निशानेबाजी |
राजस्थान |
पद्म श्री |
| वंदना कटारिया |
हॉकी |
उत्तराखंड |
पद्म श्री |
| ब्रह्मानंद संखवालकर |
फुटबॉल |
गोवा |
पद्म श्री |
जम्मू-कश्मीर में कुंग-फू सिखाते हैं फैसल
शंकरनारायण मेनन 93 के साल हैं। कलारीपयट्टू को 'मदर ऑफ मार्शल' कहा जाता है। वहीं, फैसल अली डार जम्मू-कश्मीर में कुंग-फू सिखाते हैं। गोवा के ब्रह्मानंद संखवालकर भारतीय फुटबॉल टीम में बतौर गोलकीपर खेल चुके हैं। 67 साल के ब्रह्मानंद 1983 से 1986 तक भारतीय टीम के कप्तान थे।
वंदना कटारिया ने रचा था इतिहास
भारतीय महिला हॉकी टीम पिछले साल ओलंपिक में सेमीफाइनल तक पहुंची थी। वंदना कटारिया उस टीम की सदस्य थीं। महिला टीम कांस्य पदक जीतने से एक कदम दूर रह गई थी। तीसरे स्थान के लिए हुए मैच में ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ 3-4 से हार गई थी। वंदना ने उससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में हैट्रिक लगाई थी। ओलंपिक के इतिहास में पहली बार किसी भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी ने हैट्रिक गोल दागे थे। भारतीय टीम अर्जेंटीना के खिलाफ सेमीफाइनल में हार गई थी। उसके बाद वंदना के घर के बाद जातिवादी नारे लगे थे।