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खिलाड़ियों को मिली बड़ी सफलता, डोपिंग के अपने अधिकारों का पता चलेगा

Sat, 20 Oct 2018 01:11 AM IST
हेमंत रस्तोगी, अमर उाजाला
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डोपिंग टेस्ट
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अब तक खिलाड़ियों पर डोपिंग को लेकर शिकंजा ही कसा जाता था, लेकिन अब डोपिंग को लेकर खिलाड़ियों के अधिकारों का रास्ता भी साफ हो गया है। इसकी पहल नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने की है। 

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नाडा ने पहली बार खिलाड़ियों के अधिकार पर एंटी डोपिंग चार्टर को मंजूरी प्रदान कर वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) को भेजा है। इस चार्टर के तहत खिलाड़ी को डोप सैंपल देने और एंटी डोपिंग की प्रक्रिया से गुजरने के अपने अधिकारों के बारे में पता होगा। इस चार्टर के लागू होते ही एंटी डोपिंग की आड़ में होने वाले खिलाड़ियों के शोषण पर रोक लगाई जा सकेगी। 

नाडा ने इस चार्टर को अपनी पहली आम सभा की बैठक में मंजूरी प्रदान कर दी है। इस चार्टर में खिलाड़ियों के अधिकार के बारे में 16 आर्टिकल शामिल किए गए हैं। इन अधिकारों के लागू होने पर खिलाड़ियों को न सिर्फ न्यायपूर्ण, तर्कसंगत और साफसुथरी टेस्टिंग प्रक्रिया के बारे में पता लगेगा बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी प्रदान होगी। 
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अधिकारों में यह साफ कहा गया है कि खिलाड़ी के बीमार होने की स्थिति में डॉक्टर उसे जो दवाएं लिखता है तो इसे खिलाड़ी को जानने का अधिकार होगा कि उसे कौन सी दवाईयां लिखी गई हैं और क्यों लिखी गई हैं। खिलाड़ी डॉक्टर से यह भी पूछ सकता है कि इसमें कोई प्रतिबंधित दवा तो नहीं है। यही नहीं खिलाड़ियों को सैंपलिंग के दौरान समय निर्धारित करने की भी व्यवस्था की गई है। 

खिलाड़ी एंटी डोपिंग नियमों के लिए एथलीट कमेटी के प्रतिनिधि को शामिल करा सकता है। खिलाड़ी को अपने डोप सैंपल की डाटा सुरक्षा का पूरा अधिकार होगा। खिलाड़ी को यह जानने का अधिकार होगा कि उसका सैंपल किस सुरक्षित तरीके से टेसंर्टग के लिए जाएगा। 

डीजी वाडा से करेंगे अपील समान अधिकार हों लागू 

सच्चाई यह है कि वाडा कोड में भी डोपिंग पर खिलाडिय़ों के अधिकार को जगह हासिल नहीं है। वाडा ने इस बारे में दुनिया भर के खिलाडिय़ों से बात कर सभी देशों के एंटी डोपिंग एजेंसियों से इस बारे में पहल करने की अपील की है। नाडा ऐसी पहली एजेंसी है जिसने इस दिशा में पहला कदम उठाया है। वाडा 2021 के अपने कोड में इन अधिकारों को डालने जा रही है। 

नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल का कहना है कि डोपिंग को लेकर खिलाडिय़ों को उनके अधिकार पता होने चाहिए। जब यह कोड में आएंगे तो खुद खिलाडिय़ों को अपने अधिकार पता होंगे जिससे उन्हें परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। वाडा को एंटी डोपिंग चार्टर भेज दिया गया है। उन्होंने वाडा से यही अपील की है कि पूरी दुनिया में खिलाडिय़ों के अधिकार एक समान रूप से लागू किए जाएं।

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