खास बात यह है कि ओलंपिक के लिए मीरा समेत सभी भारतीय वेटलिफ्टर नए भार वर्गों में किस्मत आजमाएंगे। इनमें राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सतीश शिवालिंगम, आरवी राहुल और यूथ ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट जेरमी लालरिनुनगा शामिल हैं।
मीरा अब 48 की बजाय 49 किलो भार वर्ग में खेलेंगी। ओलपिक में भी यही भार वर्ग होगा। मीरा के मुताबिक उनके लिए इस टूर्नामेंट में खेलना हर हाल में जरूरी है। अगर वह इसे छोड़ती हैं तो फिर टोकियो ओलंपिक केलिए क्वालिफाई नहीं कर पाएंगी। हालांकि उनके निशाने पर अप्रैल में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप हैं।
वह इगत कप में सिर्फ ओलंपिक क्वालिफिकेशन को ध्यान में रखकर भागीदारी करने जा रही हैं। ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लिए इस कप के अंक जुड़ेंगे। मीरा के मुताबिक वह अभी पूरा लोड नहीं ले रही हैं और अपनी लिफ्टिंग का 80 प्रतिशत ही उठा रही हैं। इस लिए उन्हें यहां के परिणाम की चिंता नहीं है, लेकिन एशियाई चैंपियनशिप केलिए वह कसर नहीं छोड़ेंगी।
इस कप में तीन यूपी की स्वाति सिंह भी 59 किलो भार वर्ग में खेलेंगी, जबकि पुरुषों में सतीश शिवालिंगम 77 की बजाय 81 किलो, राहुल 81 की बजाय 96 किलो में खेलेंगे। राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता विकास ठाकुर और प्रदीप सिंह भी नए भार वर्ग 102 और 109 किलो में खेलेंगे
संजीता पहले इंफाल में करेंगी ट्रेनिंग फिर आएंगी कैंप
वहीं डोपिंग के आरोपों के बाद अस्थाई प्रतिबंध से मुक्त हुईं दो बार राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण जीतने वाली संजीता चानू फरवरी महीने तक साई सेंटर इंफाल में ट्रेनिंग कर अपने को पूरी तरह फिट करना चाहती हैं।
हालांकि इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने संजीता को एनआईएस पटियाला में चल रहे कैंप में शामिल करने के लिए साई को लिख दिया है। संजीता का कहना है कि वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं। इंफाल में अपने शरीर को खेल के लायक बनाने के लिए प्रैक्टिस करेंगी। उनका लक्ष्य भी एशियाई चैंपियनशिप में खेलने का होगा।