अर्जुन की शतरंज शैली काफी विकसित हुई
अर्जुन की शतरंज शैली पिछले कुछ वर्षों में काफी विकसित हुई है। उन्हें शुरू में एक स्थितिगत खिलाड़ी के रूप में जाना जाता था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपने खेल को समझा और कई सुधार किए और अब दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में उनका नाम आता है। अर्जुन के ग्रैंडमास्टर बनने का सफर बहुत कम उम्र में शुरू हो गया था। उन्होंने 2017 में अपना अंतरराष्ट्रीय मास्टर खिताब अर्जित किया था और एक साल बाद 14 साल की उम्र में अपना ग्रैंडमास्टर खिताब हासिल किया। वह 14 साल की उम्र में विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप में अंडर -2017 डिवीजन में उपविजेता बने थे।