हालांकि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले का स्वागत किया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि आखिरकार अब जाकर न्याय हुआ। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार का नाम देकर न सिर्फ भारतीय हाकी को बल्कि हर भारतीय की भावनाओं के साथ न्याय किया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव वाई सत्यकुमार ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा मेजर ध्यानचंद के लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के अलावा लोगों की भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया तो कुछ लोगों ने इसका विरोध करना भी शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर रखे गए गुजरात के स्टेडियम से उनका नाम हटाए जाने का अनुरोध किया। जबकि कुछ लोगों ने इस बात का तर्क दिया कि गांधी परिवार के नाम पर जितने भी पुरस्कार और जितनी योजनाएं चलती हैं उनका भी नाम बदल दिया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर अशोक कुमार भाटिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि मेजर ध्यानचंद को मरणोपरांत भारत रत्न पुरस्कार तो दे ही दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा अगर आप मेजर ध्यानचंद के नाम का इतना ही सम्मान करते हैं तो उनको देश के सर्वोच्च पुरस्कार से भी सम्मानित कर दीजिए। जबकि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर हॉकी के खिलाड़ियों के लिए ही बेहतर खानपान, डाइट और उनकी ड्रेस को दुरुस्त करने की सलाह दी देनी शुरू कर दी। लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि देश में पहले खिलाड़ियों को डाइट, खेल के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली किट, जूते समेत ड्रेस को भी देने की मांग की।