फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाम बदलने की राजनीति: लोग बोले- जब खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदला तो नरेंद्र मोदी स्टेडियम का भी बदले नाम

सार

कांग्रेस नेता पवन बंसल ने कहा प्रधानमंत्री मोदी नाम बदलने की खराब परंपरा को बढ़ा रहे हैं। बंसल कहते हैं नरेंद्र मोदी हर चीज का सिर्फ क्रेडिट लेना जानते हैं। अगर नरेंद्र मोदी को मेजर ध्यानचंद के नाम पर कुछ करना ही था तो एक नए खेल पुरस्कार की घोषणा भी की जा सकती थी...
विज्ञापन
राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में खेल के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च पुरस्कार 'राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार' का नाम बदल दिया। बदले हुए नाम को लेकर देश में राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इसे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घटिया राजनीति करार दिया है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने ट्वीट कर नाम बदलने के बाद 'न्याय होने' जैसी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुल मिलाकर एक बार फिर से देश में बदले हुए नाम की राजनीति गरमा गई है।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर जैसे ही इस बात की घोषणा की खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के नाम से जाना जाएगा, उसके बाद से अचानक ही मेजर ध्यानचंद सोशल मीडिया में ट्रेंड करने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम बदलने के बाद लोगों की अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा प्रधानमंत्री मोदी नाम बदलने की खराब परंपरा को बढ़ा रहे हैं। बंसल कहते हैं नरेंद्र मोदी हर चीज का सिर्फ क्रेडिट लेना जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी का खेलों के लिए किए गए योगदान के बारे में देश में कुछ भी नहीं है। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश में खेलों के लिए बहुत कुछ किया और आज पूरी दुनिया में देश खेल के क्षेत्र में उनके सकारात्मक प्रयासों की वजह से आगे भी है।

उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाड़ी को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए। वह कहते हैं अगर नरेंद्र मोदी को मेजर ध्यानचंद के नाम पर कुछ करना ही था तो एक नए खेल पुरस्कार की घोषणा भी की जा सकती थी। उन्होंने कहा क्योंकि नरेंद्र मोदी को सिर्फ राजनीति करनी है इसीलिए उन्होंने इस पुरस्कार का नाम बदल दिया। उनका कहना है मोदी सरकार हर वक्त हीन भावना में रहती है। इसी वजह से नई योजनाओं को लाने की बजाय, नए पुरस्कारों को शुरू करने की बजाय, कांग्रेस सरकार के दिए गए नामों को बदलकर ओछी राजनीति करने की शुरुआत कर रही है। पवन बंसल ने कहा कि नरेंद्र मोदी को सबसे पहले गुजरात में बनाए गए स्टेडियम से अपने नाम सबसे पहले हटाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले का स्वागत किया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि आखिरकार अब जाकर न्याय हुआ। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार का नाम देकर न सिर्फ भारतीय हाकी को बल्कि हर भारतीय की भावनाओं के साथ न्याय किया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव वाई सत्यकुमार ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा मेजर ध्यानचंद के लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के अलावा लोगों की भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया तो कुछ लोगों ने इसका विरोध करना भी शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर रखे गए गुजरात के स्टेडियम से उनका नाम हटाए जाने का अनुरोध किया। जबकि कुछ लोगों ने इस बात का तर्क दिया कि गांधी परिवार के नाम पर जितने भी पुरस्कार और जितनी योजनाएं चलती हैं उनका भी नाम बदल दिया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर अशोक कुमार भाटिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि मेजर ध्यानचंद को मरणोपरांत भारत रत्न पुरस्कार तो दे ही दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा अगर आप मेजर ध्यानचंद के नाम का इतना ही सम्मान करते हैं तो उनको देश के सर्वोच्च पुरस्कार से भी सम्मानित कर दीजिए। जबकि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर हॉकी के खिलाड़ियों के लिए ही बेहतर खानपान, डाइट और उनकी ड्रेस को दुरुस्त करने की सलाह दी देनी शुरू कर दी। लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि देश में पहले खिलाड़ियों को डाइट, खेल के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली किट, जूते समेत ड्रेस को भी देने की मांग की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें