एशियाई युवा और जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप
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भारत ने रविवार को दुबई में चल रही एशियाई युवा और जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप में आठ गोल्ड सहित कुल 13 पदक जीते। रोहित चमोली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मंगोलिया के बॉक्सर ओटगोनबयार तुवशिंजया को 3-2 से हराया। वहीं, भारत जून ने (+81 किग्रा) भी कजाकस्तान के मुक्केबाज को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। गौरव सैनी ने 70 किग्रा भारवर्ग में रजत पदक जीता। उन्हें उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज बोलाटेव के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। बोलाटेव ने सैनी को 5-0 से हराया। इसके अलावा विशु राठी (48 किग्रा), तनु (52 किग्रा) ने गोल्ड जीते। विशु ने उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज को 5-0 से हराया जबकि तनु ने कजाकिस्तान के खिलाड़ी को 3-2 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं, मुस्कान को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। कजाकिस्तान के मुक्केबाज ने मुस्कान को 4-1 से हराया। इसी के साथ उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
निकिता चांद (60 किग्रा) ने कजाकिस्तान के मुक्केबाज को 5-0 से हराकर गोल्ड जीता। वहीं,
माही राघव (63 किग्रा) ने कजाकिस्तान के मुक्केबाज को 3-2 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। उधर,
प्रांजल यादव (75 किग्रा) ने कजाकिस्तान के मुक्केबाज को 4-1 से हराकर सोने का तमगा हासिल किया। रुद्रिका (70 किग्रा) को उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। रुद्रिका को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। आंचल सैनी ने 57 किग्रा में और संजना ने 81 किग्रा में रजत पदक जीते।
कीर्ति (+81 किग्रा) ने कजाकिस्तान के मुक्केबाज को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
गौरतलब है कि भारत जूनियर स्पर्धा में पहले ही छह कांस्य पदक जीत चुका है, जिसमें देविका घोरपड़े (50 किग्रा), आरजू (54 किग्रा) और सुप्रिया रावत (66 किग्रा) ने लड़कियों के वर्ग में जबकि आशीष (54 किग्रा), अंशुल (57 किग्रा) और अंकुश (66 किग्रा)) ने लड़कों के वर्ग में पदक जीते। बता दें कि पिछली एशियाई जूनियर चैंपियनशिप 2019 में भारत 21 पदक (6 गोल्ड, 9 रजत और 6 ब्रॉन्ज) के साथ तीसरे स्थान पर रहा था।