गत चैंपियन पूजा रानी (75 किग्रा) ने शानदार जीत से एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा), पहली बार टूर्नामेंट में खेल रही लालबुतसाई (64 किग्रा) और अनुपमा (+81 किग्रा) को फाइनल में हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
मैरी, लालबुतसाई और अनुपमा को एशियाई चैंपियनशिप के फानइल में हारकर रजत से करना पड़ा संतोष
ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुकी पूजा ने फाइनल में उज्बेकिस्तान की मावुलडा मोवलोनोवा को 5-0 पराजित किया। यह उनका टूर्नामेंट में पहला ही मुकाबला था। उन्हें सेमीफाइनल में वॉकओवर मिला था।
मैरीकॉम को कजाखस्तान की नाजिम काइजेबी के हाथों 2-3 से, लालबुतसाई को मिलाना साफरोनोवा से 2-3 से और अनुपमा को लजाट से इसी अंतर से हार झेलनी पड़ी। भारतीय महिलाओं ने टूर्नामेंट एक स्वर्ण, तीन रजत और छह कांस्य सहित कुल दस पदक जीते।
13 साल बाद फाइनल में हारीं
पिछले 13 वर्षों में यह पहला मौका है जब मैरी को इस चैंपियनशिप के फाइनल में हार मिली। इससे पहले वह 2008 में गुवाहाटी में खिताबी मुकाबले में हारी थी। इसके बाद चार बार उन्होंने चैंपियनशिप में भाग लिया और तीन (2010, 2012, 2017) बार चैंपियन बनीं। थाईलैंड में 2019 में उन्होंने शिरकत नहीं की थी। मैरी के सात पदक हो गए हैं और वह सरिता देवी (8) से एक पदक पीछे हैं।