भारत में किसी भी बड़े स्टेडियम का नाम किसी क्रिकेटर के नाम पर नहीं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राजीव गांधी के नाम पर दिए जाने वाले खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर कर दिया। इसके बाद से ही देशभर में नेताओं के नाम पर रखे गए स्टेडियम, खेल कॉम्प्लेक्स और टूर्नामेंट के नाम बदलने की मांग उठने लगी है। दरअसल, देश में ज्यादातर स्टेडियम नेताओं के नाम पर ही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि देश के सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट के तो एक भी बड़े स्टेडियम का नाम किसी क्रिकेटर के नाम पर नहीं है। देश में क्रिकेट से जुड़े कुल 52 स्टेडियम हैं, इनमें से अधिकतर के नाम नेताओं पर रखे गए हैं। इतना ही नहीं गायकों, अफसरों और ब्रिटिश राज के अधिकारियों तक पर स्टेडियम के नाम हैं, लेकिन किसी क्रिकेटर के नाम पर कोई बड़ा स्टेडियम नहीं है।
किनके नामों पर क्रिकेट स्टेडियम?
देश में फिलहाल जो क्रिकेट स्टेडियम हैं, उनमें न तो अंतरराष्ट्रीय और न ही फर्स्ट क्लास मैचों में इस्तेमाल होने वाले किसी मैदान का नाम क्रिकेटर पर है। हालांकि, नेताओं, प्रशासकों, गायकों के नाम पर स्टेडियम जरूर हैं। दो क्रिकेट स्टेडियम तो हॉकी खिलाड़ियों के नाम पर हैं।
देश में नेताओं के नाम पर कौन से क्रिकेट स्टेडियम?
पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के नाम पर नौ स्टेडियम हैं। इनमें से आठ दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि, इंदौर, गुवाहाटी, मडगांव, पुणे और गाजियाबाद जैसे शहरों में हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट मैच भी हो चुके हैं। चेन्नई का एक भी स्टेडियम नेहरु के नाम पर है, लेकिन लंबे समय से यहां मैच नहीं खेला गया।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर कुल तीन स्टेडियम हैं। इनमें दो स्टेडियम आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में मौजूद हैं, जबकि महाराष्ट्र के सोलापुर में भी एक स्टेडियम है, जहां लंबे समय से मैच नहीं खेला गया। उधर, राजीव गांधी के नाम पर दो स्टेडियम हैं। इनमें एक तेलंगाना के हैदराबाद में, जबकि दूसरा उत्तराखंड के देहरादून में है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर हिमाचल प्रदेश के नदाऊं और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में स्टेडियम है। सरदार पटेल के नाम पर भी गुजरात के वलसाड और अहमदाबाद में स्टेडियम रहे हैं। हालांकि, अहमदाबाद स्थित स्टेडियम का नाम इसी साल नरेंद्र मोदी के नाम पर कर दिया गया है। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम का नाम भी दिवंगत भाजपा नेता अरुण जेटली के नाम पर किया गया है।
कोझिकोड के ईएमएस स्टेडियम को केरल के कम्युनिस्ट नेता और राज्य के पहले मुख्यमंत्री ईएमएस नंबूदिरिपाद का नाम दिया गया है। इसके अलावा विशाखापत्तनम के एक क्रिकेट मैदान का नाम कांग्रेस के पूर्व नेता वाईएस राजशेखर रेड्डी के नाम पर रखा गया है। गुजरात के राजकोट में भी एक स्टेडियम का नाम कांग्रेस नेता माधवराव सिंधिया पर है।
अफसरों-अधिकारियों के नाम पर
देश में चार स्टेडियम ऐसे भी हैं, जिन्हें बीसीसीआई या राज्य क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्षों के नाम दिए गए। इनमें से एक चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम है, जबकि दूसरा बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम है। मुंबई का वानखेड़े और मोहाली का आईएस बिंद्रा स्टेडियम बोर्ड के पूर्व अध्यक्षों के नाम पर है।
गायक, ब्रिटिश राज के अफसरों के नाम पर भी स्टेडियम
नेताओं के नाम पर ही नहीं, बल्कि ब्रिटिश राज के अफसरों और उनके रिश्तेदारों के अलावा गायक के नाम पर भी स्टेडियम के नाम रखे गए हैं। कोलकाता के क्रिकेट स्टेडियम का नाम भारत के पूर्व गवर्नर जनरल लॉर्ड ऑकलैंड की दो बहनों एमिली और फैनी ईडन के नाम पर 'ईडन गार्डन' रखा गया था। मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम का नाम बॉम्बे के गवर्नर रहे लॉर्ड ब्रेबॉर्न के नाम पर रखा गया।
असम के गुवाहाटी स्थित क्रिकेट स्टेडियम का नाम भूपेन हजारिका के नाम पर रखा गया। वहीं, झारखंड के जमशेदपुर में स्थित स्टेडियम का नाम टाटा स्टील के पूर्व जनरल मैनेजर जॉन लॉरेंस कीनन के नाम पर कीनन स्टेडियम रखा गया था। इसके अलावा गुजरात के वडोदरा में रिलायंस का भी स्टेडियम है, जिसे फिलहाल बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन चलाता है और इसमें अंतरराष्ट्रीय मैच हो चुके हैं।
हॉकी के दिग्गजों के नाम पर क्रिकेट स्टेडियम भी
देश में क्रिकेटरों के नाम पर किसी खेल मैदान का नाम जरूर नहीं है, लेकिन हॉकी के दो दिग्गजों के नाम वाले मैदान में टीम इंडिया जरूर खेलने उतर चुकी है। इनमें एक है लखनऊ का केडी बाबू सिंह स्टेडियम और दूसरा है कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम, जहां सचिन तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने थे।