भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया नहीं
भाजपा ने अभी तक इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया है। मणिपुर में जातीय हिंसा में पिछले साल मई से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और करीब 50 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जातीय हिंसा अराजकता में बदल गई है।