बद्दी में चौथी राष्ट्रीय बॉक्सिंग पुरुष चैंपियनशिप चल रही है। इसका समापन 10 अक्तूबर को होगा। हिमाचल टीम का नेतृत्व आशीष चौधरी कर रहे हैं। अशीष का जन्म जिला मंडी के सुंदरनगर के जरल गांव में हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 14 वर्ष की आयु से बॉक्सिंग करनी शुरू कर दी थी। 11 वर्ष की मेहनत के बाद वर्ल्ड एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया। उनका लक्ष्य ओलंपिक मेडल जीतना है।
अमर उजाला से बातचीत में आशीष चौधरी ने बताया कि वह माता-पिता के इकलौते बेटे हैं। उनकी बहन की शादी हो गई है। पिता किसान हैं और माता गृहिणी। उन्होंने बताया कि चचेरे भाई जॉनी चौधरी से उन्हें बॉक्सिंग खेलने की प्रेरणा मिली है। वह भी नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट रेसलर रहे हैं।
वह 2016 से राजस्व विभाग में तहसील वेलफेयर ऑफिसर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। साथ ही बॉक्सिंग में हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनका मानना है कि आज जो युवा गलत संगत में पड़कर नशों की तरफ बढ़ रहे हैं, उन्हें नशे को त्यागकर खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। नशा धीमा जहर है।