भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा की शुक्रवार को अन्य सदस्यों से बहस हो गई। संघ के अधिकांश सदस्यों ने रघुराम अय्यर की सीईओ के रूप में नियुक्ति का विरोध किया जबकि पूर्व महान खिलाड़ी ने उन्हें हटाने की मांग को खारिज कर दिया।
आईओए अध्यक्ष का बयान
उषा द्वारा बुलाई गई बैठक का मुख्य एजेंडा पांच जनवरी को सीईओ के रूप में अय्यर की नियुक्ति का अनुमोदन करना था, लेकिन इसे बीच में ही समाप्त करना पड़ा। बैठक के बाद उषा ने कहा- वे पूरी प्रक्रिया को फिर से शुरू करना चाहते हैं, वे नए सिरे से विज्ञापन देना चाहते हैं। यह ऐसा है जैसे कह रहे हों कि हमें यह व्यक्ति नहीं चाहिए और हम प्रक्रिया को फिर से शुरू करें।
उषा ने दी चेतावनी
अन्य सदस्यों को चेतावनी देते हुए आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा- इस प्रक्रिया (सीईओ की नियुक्ति) में दो साल लग गए और अब वे इसे फिर से शुरू करना चाहते हैं। इसके (आईओसी से) गंभीर नतीजे होंगे। यह भारत के 2036 ओलंपिक के लिए बोली लगाने और मेजबानी करने की संभावनाओं को खतरे में डाल सकता है। मैं इसे स्वीकार नहीं करने जा रही हूं। मैंने आईओसी (अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति) को यह बता दिया है। मैं हार मानने वाली नहीं हूं, मैं आईओए को साफ किए बिना कहीं नहीं जा रही हूं।
10 सदस्यों ने जारी किया बयान
आईओसी के निदेशक जिरोम पोइवी भी ऑनलाइन बैठक में शामिल रहे। उषा की चेतावनियों के बावजूद बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित कार्यकारी परिषद के 10 सदस्यों ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि उन्होंने सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। बयान में कहा गया- सीईओ के रूप में अय्यर के अनुमोदन को मंजूरी नहीं दी गई। इसके अलावा यह निर्णय लिया गया कि सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया को नई शर्तों के साथ फिर से शुरू किया जाए।