भारत के भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद अपनी चोट का खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें प्रतिस्पर्धा करने के लिए कड़ी मेहनत करने के बाद जल्द ही सर्जरी करानी पड़ सकती है। नीरज पेरिस ओलंपिक से पहले जांघ के भीतरी हिस्से की मांसपेशी में (एडक्टर) परेशानी से जूझते आए हैं। उन्होंने हालांकि गुरुवार को सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास 89.45 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। वह दो ओलंपिक पदक जीतने वाले भारत के पहले ट्रैक एवं फील्ड एथलीट बन गए। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था।
पाकिस्तान के नदीम से पीछे रहे नीरज
नीरज पाकिस्तान के अरशद नदीम से पीछे रहे, जिन्होंने 92.97 मीटर के ओलंपिक रिकॉर्ड थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। नदीम इसके साथ ही पाकिस्तान के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बन गए। नीरज ने इस विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति में नहीं होने के बाद भी नीरज लगातार दो ओलंपिक में पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बने। उनसे पहले सुशील कुमार (कुश्ती) और पीवी सिंधू (बैडमिंटन) ने यह कारनामा किया है।
नीरज ने 2023 विश्व चैंपियनशिप का जिक्र करते हुए कहा, मेरे दिमाग में काफी कुछ चल रहा था। जब मैं थ्रो कर रहा होता हूं तो मेरा 60-70 प्रतिशत ध्यान चोट पर होता है। मैं चोटिल नहीं होना चाहता था। जब भी मैं थ्रो करने जा रहा था तो आपने देखा होगा कि मेरी गति कम थी। डॉक्टर ने मुझे पहले ही सर्जरी करने के लिए कहा था लेकिन मेरे पास विश्व चैंपियनशिप से पहले या बाद में इतना समय नहीं था। ओलंपिक की तैयारी में बहुत समय लगता है। मैंने अब भी इसे जारी रखा है। खेल में यह अच्छी स्थिति नहीं होती है। आप अगर लंबा करियर चाहते हैं तो आपको फिट और स्वस्थ रहना होगा। इस स्तर की प्रतियोगिताओं के कारण कई बार आप निर्णय नहीं ले सकते। अब हम इस पर काम करेंगे और तकनीक में भी सुधार करेंगे।
नीरज ने यह भी बताया कि फिटनेस के मामले में पिछले सात साल उनके लिए कितने कठिन रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे 2017 में यह दर्द महसूस हुआ। उसके बाद मैंने बहुत इलाज करवाया। लेकिन इसके लिए मुझे एक बड़ा फैसला लेना होगा। मैं अपनी टीम के साथ मिलकर इस पर फैसला लूंगा।
90 मीटर को लेकर क्या बोले नीरज?
नीरज ने 90 मीटर की दूरी का जिक्र किए बिना कहा कि उनके पास और बड़ा थ्रो करने की क्षमता है। नीरज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2022 में आया था जब उन्होंने 89.94 मीटर की दूरी हासिल की थी। उन्होंने कहा, मैंने 2016 में अच्छी दूरी तय की और फिर 2018 में मैंने एशियाई खेलों में 88 मीटर का थ्रो किया था। उसके बाद मुझे लगता है कि इसमें काफी सुधार कर सकता हूं। इसलिए, जब तक ऐसा नहीं होता, मैं इस कोशिश को जारी रखूंगा। मैं आपको बताना चाहता हूं मेरा पास काफी अधिक क्षमता है और मैं यह करूंगा। मैं अपने दिमाग को भविष्य के लिए तैयार रखूंगा। मैं चीजों पर काम करूंगा। मैं खुद को फिट रखूंगा।
नीरज ने कहा कि इस चोट के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, मैं अपनी पूरी रन अप के साथ भाला नहीं फेंक पा रहा था। मैं पिछले एक-दो साल से कम रन अप के साथ प्रयास कर रहा हूं। अभ्यास में खिलाड़ी एक सत्र में 40-50 थ्रो करते है, लेकिन चोटिल होने के डर के कारण मुझे ऐसा करने में दो-तीन सप्ताह लग गए। यह काफी मुश्किल है लेकिन मैंने अपने खेल को जारी रखा है।