भारत की पदक उम्मीदों को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गुरुवार को एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता चीन की वू यू से एकतरफा अंदाज में हार गईं। महिला 50 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश करने उतरीं निकहत वू यू के सामने कोई कमाल नहीं दिखा सकीं और 0-5 की हार के साथ ही उनका ओलंपिक में पदक जीतने का सपना टूट गया।
दबदबा नहीं बना सकीं निकहत
निकहत का यह पहला ओलंपिक था और उन्हें वरीयता नहीं मिली थी क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (आईबीए) को मान्यता नहीं देती जो विश्व चैंपियनशिप कराता है। भारत की पदक की सबसे प्रबल दावेदारों में से एक निकहत पर मौजूदा फ्लाईवेट (52 किग्रा ) विश्व चैंपियन यू ने पहले ही दौर से दबाव बना दिया था।
निकहत ने जवाबी हमले बोलने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहीं। यू का फुटवर्क बेहतरीन था जिससे वह लगातार स्टांस बदलकर घूंसे बरसाती रहीं। दूसरे दौर में निकहत ने कुछ सीधे पंच लगाए लेकिन यू ने उनके चेहरे पर मुक्के लगाते हुए अंक बनाए।तीसरे दौर में भी यू की चपलता का निकहत के पास कोई जवाब नहीं था। मुक्केबाजी में अब भारत को लवलीना बोरगोहेन और निशांत देव से पदक लाने की उम्मीद है जो अपने-अपने वर्गों में क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुके हैं।