भारत को 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी का मौका मिल सकता है। रूस से कहा है कि 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश करने में वह भारत की मदद करेगा। अगर भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी का मौका मिलता है तो पहली बार ओलंपिक खेलों का आयोजन भारत में होगा। यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस को वैश्विक तौर पर खेल जगत से बहिष्कृत किया गया है। ऐसे में रूस भारत की मदद के लिए तैयार है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ही इस बारे में अंतिम फैसला लेगी कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी किसे दी जाएगी।
हालांकि, इस बारे में कोई ठोस आधिकारिक कदम नहीं उठाए गए हैं, भारत ने अहमदाबाद में 2036 खेलों की मेजबानी के लिए बार-बार अपनी इच्छा जताई है।
पिछले साल, भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने एक अनूठी बोली का प्रस्ताव रखा था, जिसमें अहमदाबाद को केन्द्र में रखकर आसपास के शहरों में ओलंपिक के आयोजन की बात कही गई थी। दो महीने पहले, गुजरात के महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने गुजरात उच्च न्यायालय को बताया था कि "हम 2036 के ओलंपिक की तैयारी कर रहे हैं और 2025 में ओलंपिक समिति यहां का दौरा करेगी"। नरेंद्र मोदी स्टेडियम के उद्घाटन के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि यह परिसर ओलंपिक की मेजबानी करने में सक्षम है।
बुधवार को, भारत की अपनी यात्रा के दौरान, मैटिसिन ने एक मीडिया हाउस को बताया कि रूस बहुत खुश है कि भारत ओलंपिक खेलों की मेजबानी की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने कहा “अगर ओलंपिक खेलों की मेजबानी जैसा सपना सच होता है, तो यह देश के स्थिर विकास के लिए एक और मानदंड होगा। हम हमेशा बातचीत के लिए तैयार हैं और ओलंपिक खेलों की मेजबानी के अपने अनुभव को साझा करने के लिए तैयार हैं, और हमने ऐसा कई बार किया है, इसलिए यदि कोई निर्णय लिया जाता है, तो रूसी विशेषज्ञ भारत में ओलंपिक खेलों के आयोजन में मदद करने में प्रसन्न होंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मैटिसिन ने विश्व फुटबॉल रैंकिंग में 35वें स्थान पर काबिज रूस और 108वें स्थान पर मौजूद भारत के बीच एक दोस्ताना फुटबॉल मैच का प्रस्ताव भी रखा।