भले ही किताबों और सरकारी वेबसाइट लिखा हो कि भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है लेकिन सच्चाई यह है कि खेल मंत्रालय ने किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल घोषित ही नहीं किया है। यह चौंकाने वाला खुलासा नगर की आरटीआई कार्यकर्ता ऐश्वर्या पाराशर द्वारा सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के तहत हुआ है। ऐश्वर्या द्वारा मांगी गई सूचनाओं से पहले भी कई चौंकाने वाली जानकारियां मिल चुकी हैं।
ऐश्वर्या ने गत 28 मई को प्रधानमंत्री कार्यालय के जनसूचना अधिकारी से सूचना का अधिकार के तहत भारत का राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राष्ट्रीय खेल, राष्ट्रीय पशु, राष्ट्रीय पक्षी, राष्ट्रीय पुष्प, राष्ट्र चिह्न घोषित करने के आदेश की सत्यापित प्रतियां मांगी थीं।
इस पर गृह मंत्रालय के निदेशक और केंद्रीय जन सूचना अधिकारी ने 12 जून के अपने पत्र में अवगत कराया कि राष्ट्रीय खेल से जुड़ी सूचना युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, युवा विभाग से संबंधित है, इसलिए आवेदन पत्र उसे भेजा जा रहा है। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने इसका जो जवाब दिया, वह चौंकाने वाला था।
हाल ही मिले पत्र में अवर सचिव शिव प्रताप सिंह तोमर ने ऐश्वर्या को लिखा है कि आपके द्वारा मांगी गई जानकारी के क्रम में यह कहने का आदेश हुआ है कि खेल मंत्रालय ने किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं किया है।