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ओलंपिक मेडल के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम ने किया चटपटे भोजन और चॉकलेट से परहेज

Tue, 23 Jul 2019 05:48 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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इंडियन महिला हॉकी - फोटो : social media
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किसी ने अपना पसंदीदा ‘राजमा चावल’ खाना छोड़ दिया तो किसी ने मसालेदार खाने से तौबा कर ली है और मिठाई, चॉकलेट की तरफ तो अब ये देखती भी नहीं हैं। यह किसी बॉलिवुड अभिनेत्री का नहीं, बल्कि ‘मिशन टोक्यो ओलंपिक' के लिए अपनी फिटनेस पर जोर दे रही भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ियों का नया ‘डाइट प्लान’ है। 

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पिछले दो साल से शानदार प्रदर्शन कर रही भारतीय महिला हॉकी टीम नवंबर में होने वाले ओलंपिक क्वॉलिफायर के जरिए टोक्यो ओलंपिक-2020 का टिकट कटाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। कप्तान रानी रामपाल का दावा है कि यह अब तक की सबसे फिट महिला हॉकी टीम है और सभी खिलाड़ी सलाहकार वेन लोंबार्ड के ‘डाइट प्लान’ का ईमानदारी से अनुसरण कर रहे हैं। 
 

सबसे फिट है महिला हॉकी टीम

भारतीय महिला हॉकी - फोटो : social media
पिछले महीने हिरोशिमा में एफआईएच हॉकी सीरीज फाइनल्स में खिताबी जीत के साथ प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रही कप्तान रानी रामपाल ने बेंगलुरू में कहा, ‘मैं कह सकती हूं कि यह सबसे फिट महिला हॉकी टीम है। वेन लोंबार्ड ने हर खिलाड़ी और पूरी टीम की फिटनेस पर काफी काम किया है। हम सभी उनके डाइट प्लान पर चल रहे हैं क्योंकि हमें ओलंपिक खेलना ही नहीं, पदक जीतना है।’ 

उन्होंने कहा, ‘हमने कार्बोहाइड्रेट, मसालेदार, तैलीय खाना, मिठाई, चॉकलेट सब छोड़ दिया है। जापान से जीतकर आने के बाद मैंने उन्हें मनाकर एक दिन मां के हाथ का बना राजमा चावला खा लिया था लेकिन हमारी रोजाना की डाइट में यह सब शामिल नहीं है। हम काफी संतुलत खाना खाते हैं और खुद भी बेहतर महसूस कर रहे हैं।’ 

ओलंपिक के लिए हैं तैयार

भारतीय महिला हॉकी टीम
भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1980 में मॉस्को ओलंपिक में चौथा स्थान हासिल किया था जो ओलंपिक में इस महिला हॉकी का पदार्पण भी था। इसके 36 साल बाद टीम ने रियो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाइ किया और 12वें स्थान पर रही। 

रानी ने कहा, ‘पिछले चार साल में बहुत कुछ बदल गया है। रियो में हमें अनुभव नहीं था लेकिन अब पता चल गया है कि ओलंपिक में कैसे खेलना है। हमनें रियो में बहुत कुछ सीखा और पिछले दो साल से हमारे प्रदर्शन में लगातार निखार आया है।’ यह पूछने पर कि क्वॉलिफाइ करने के बाद क्या वह टीम से पदक की उम्मीद करती हैं, रानी ने कहा, ‘निश्चित तौर पर हममें वह क्षमता है। विश्व हॉकी में नीदरलैंड को छोड़कर कोई भी टीम अपना दिन होने पर किसी को भी हरा सकती है। हम भी लगातार अच्छा खेल रहे हैं।’ 

दुती और हिमा दास से मिल रही प्रेरणा

हिमा और दुती
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धाविका हिमा दास और दुती चंद की हालिया उपलब्धियों ने उनकी टीम को काफी प्रेरित किया है। हरियाणा के शाहबाद की रहने वालीं इस स्ट्राइकर ने कहा, ‘ट्रैक और फील्ड में हिमा ने जैसे पांच स्वर्ण पदक जीते और उससे पहले दुती ने यूनिवर्सिटी खेलों में शानदार प्रदर्शन किया, हमें भी देश के लिए कुछ हासिल करने की प्रेरणा मिली है। खेलों में भारतीय लड़कियों का परचम लहरा रहा है तो हम क्यों पीछे रहें।’ 
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कमजोर पहलुओं पर काम

rani rampal
रानी ने कहा, ‘हम अपने कमजोर पहलुओं पर काम कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के महान डिफेंडर फर्गुस कावानाग के साथ शिविर में बहुत कुछ सीखने को मिला। तकनीकी चीजों के अलावा टीम के तालमेल, समस्या का सामना करना और उसका त्वरित हल निकालना ऐसी चीजों पर भी मेहनत कर रहे हैं।’ 

नवंबर में होने वाले ओलंपिक क्वॉलिफायर से पहले भारतीय टीम अगले महीने टोक्यो में चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ एक टूर्नामेंट खेलेगी जबकि इसके बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलने जाएगी।
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