हॉकी इंडिया लीग के दूसरे संस्करण के लिए खिलाड़ियों पर उम्मीद से बढ़कर पैसा बरसा।
नौवें एशिया कप में इस साल भारतीय टीम के लिए पदार्पण करने वाले फारवर्ड रमनदीप सिंह ने बोली के मामले में स्टार भारतीय मिडफील्डर सरदार सिंह को भी पीछे छोड़ दिया है।
सरदार को जहां खुली बोली में 78 हजार डॉलर (लगभग 48 लाख रुपए) में खरीदा गया था वहीं रमनदीप को यूपी विजार्ड्स ने 81 हजार डॉलर (लगभग 51 लाख रुपए) की बंद लिफाफे की बोली में खरीदा।
यही नहीं इंडियन हॉकी फेडरेशन की वर्ल्ड हॉकी सीरीज में खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए भी एचआईएल के दरवाजे खुल गए हैं। इस सीरीज में खेलने वाले नामी फारवर्ड प्रभजोत सिंह को मुंबई मैजीशियंस ने 46 हजार डॉलर (लगभग 28 लाख रुपए) में खरीदा।
हॉकी इंडिया के मुख्य सचिव नरिंदर बत्रा के मुताबिक खुली बोली की जगह इस बार बंद बोली रखी गई। जिसमें लीग की छठी टीम कलिंगा लांसर्स भी शामिल हुई।
इस टीम की कोचिंग की कमान भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलियाई कोच टेरी वाल्श के जिम्मे है। जब पिछले वर्ष दिल्ली वेवराइडर्स को कोचिंग देने वाले एके बंसल उनके सहायक होंगे।
दिल्ली की कोचिंग कमान अब सेड्रिक डिसूजा के हाथों में होगी। कलिंगा ने इस बोली के दौरान अपनी 24 सदस्यों की टीम पूरी कर ली। उसने न्यूजीलैंड के मिडफील्डर रयान आर्कीबाइल्ड को 71 हजार (लगभग 44 लाख रुपए) व ऑस्ट्रेलियाई डिफेंडर कील ब्राउन को 55 हजार डॉलर (लगभग 34 लाख रुपए) में खरीदा।
डब्लूएसएच में खेलने के चलते प्रतिबंधित रहे खिलाड़ी भी फाएदे में रहे। ड्रैग फ्लिकर गुरजिंदर सिंह को मुंबई मैजीशियंस ने 56 हजार (लगभग 34 लाख रुपए), फारवर्ड वीएस विनय, रविपाल को 40-40 हजार डॉलर (लगभग 24 लाख रुपए) में खरीदा।
लेकिन मुंबई ने आपसी ट्रेडिंग में अपने मुख्य खिलाड़ी संदीप सिंह को जेपी पंजाब वॉरियर्स को दे दिया है।
जहां यह बोली डब्लूएसएच के खिलाड़ियों के लिए फाएदा का सौदा रही वहीं पुराने धुरंधर राजपाल सिंह, दीपक ठाकुर, अर्जुन हलप्पा में किसी भी टीम ने रुचि नहीं दिखाई। इस बोली में कुल 154 खिलाड़ी शामिल थे। लेकिन सिर्फ 49 को खरीदा जा सका। इनमें 28 भारतीय व 21 विदेशी खिलाड़ी रहे। इन पर सभी फ्रेंचाइजियों ने 1.37 मिलियन डॉलर (लगभग आठ करोड़ 49 हजार रुपए) की राशि खर्च की।
रिक चार्ल्सवर्थ नहीं होंगे मुंबई के कोच
रिक चार्ल्सवर्थ को एक बार फिर भारत रास नहीं आया है। रिक ने भारतीय टीम के साथ भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया था।
विवादों के चलते उनका साई ने बीच में ही अनुबंध समाप्त कर दिया था। पिछले वर्ष एचआईएल में वह मुंबई मैजीशियंस के कोच थे। लेकिन इस बार मुंबई ने उनके स्थान पर एमके कौशिक को टीम की कमान सौंप दी है।
हालांकि नरिंदर बत्रा ने यह खुलासा नहीं किया कि मुंबई ने उन्हें हटाया है या फिर वह खुद नहीं आए हैं।
डच खिलाड़ियों पर संशय
एचआईएल में शामिल नीदरलैंड के हॉकी खिलाड़ियों के भाग लेने पर अब तक संशय बना हुआ है। बत्रा के मुताबिक खिलाड़ियों और डच हॉकी फेडरेशन का आपसी विवाद चल रहा है।
अगर इन खिलाड़ियों को उनकी फेडरेशन से लीग में खेलने की अनुमति नहीं मिलती है तो उनके स्थान पर फ्रेंचाइजियों को दूसरे खिलाड़ी अनुबंधित करने की छूट दी जाएगी।