दिग्गज फुटबॉलर डिएगो माराडोना के वारिस उस गोल्डन बॉल की होने वाली नीलामी को रुकवाना चाहते हैं जो उन्हें 1986 विश्व कप में अर्जेंटीना के खिताबी सफर के दौरान मिली थी। यह ट्रॉफी दशकों तक लापता थी और हाल ही में इसका पता लगा है। अगले महीने पेरिस में इसकी नीलामी की जानी है। गोल्डन बॉल ट्रॉफी टूर्नामेंट के श्रेष्ठ खिलाड़ी को दी जाती है। छह जून को गोल्डन बॉल ट्रॉफी की नीलामी पेरिस में होनी है।
माराडोना का 2020 में 60 साल की उम्र में निधन हो गया था। मेक्सिको सिटी में खेले गए विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना ने पश्चिमी जर्मनी को 3-2 से पराजित किया था। इसी विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में माराडोना का हैंड ऑफ गॉड गोल और सदी का गोल भी हुआ था।
माराडोना के वारिसों का कहना है कि वह गोल्डन बॉल ट्रॉफी चोरी हो गई थी और दावा किया है कि अब जिस मालिक के पास है, उसे इसे बेचने का हक नहीं है। पैराडोक्स लॉ फर्म के वकील जाइल्स मोरेइयू ने कहा कि वह कोर्ट में जल्द ही अपील दायर करेंगे उस नीलामी से गोल्डन बॉल ट्रॉफी को हटा ले और चोरी की शिकायत करेंगे और कोर्ट से ट्रॉफी को जब्त करने का आग्रह करेंगे।
ट्रॉफी को लेकर रहा है अफवाहों का बाजार गर्म
नीलामीकर्ता एगटस ऑक्शन हाउस का कहना है कि ट्रॉफी 2016 में एक निजी नीलामी में फिर से प्रकट हुई थी। माराडोना को 1986 में यह पुरस्कार दिया गया था। बाद में यह ट्रॉफी गुम हो गई थी जिससे अफवाहों को बल मिला था। कुछ ने कहा कि पोकर गेम के दौरान खो गई या कर्ज चुकाने के लिए बेच दिया गया। कुछ ने कहा कि माराडोना ने इसे बैंक के लॉकर में रखा था जिसे 1989 में गैंगस्टर ने लूट लिया था। तब माराडोना इटालियन लीग में खेल रहे थे।
ऑक्शन कंपनी को उम्मीद, नीलामी से बड़ी रकम मिलेगी
माराडोना के वारिस पहले मानते रहे हैं कि यह बैंक से की चोरी हुई थी लेकिन माराडोना के वारिसों में शामिल उनकी दो बेटियों के वकील मोरेइयू ने कहा कि माराडोना के वारिस चाहते हैं कि नीलामी पर रोक लगे क्योंकि ट्रॉफी पर उनका हक बनता है। ऑक्शन हाउस का तर्क है कि जिस व्यक्ति ने उस ट्रॉफी को खरीदा था उसे नहीं पता कि यह चोरी की है। ऑक्शन हाउस को उम्मीद है कि इस ट्रॉफी की नीलामी से बड़ी रकम मिलेगी। छह जून को होने वाली नीलामी में शामिल होने वालों को डेढ़ लाख यूरो (लगभग एक करोड़, 35 लाख रुपये) जमा करने को कहा गया है।