17वें मिनट में दागा जादुई गोल
मेसी ने मैच के 17वें मिनट में अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने मिडफील्ड में गेंद हासिल की, कुछ कदम आगे बढ़े और फिर बॉक्स के बाहर से बाएं पैर का शानदार शॉट लगाया। गेंद सीधे गोलपोस्ट के कोने में जा समाई और अल्जीरिया के गोलकीपर लुका जिदान उसे रोकने में पूरी तरह बेबस नजर आए। यह मेसी के विश्व कप करियर का 14वां गोल था और इसी के साथ अर्जेंटीना ने बढ़त हासिल कर ली।
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रिबाउंड पर दिखाई अनुभव की झलक
दूसरा गोल 60वें मिनट में आया। एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने दूर से जोरदार शॉट लगाया, जिसे जिदान पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके। गेंद उनके हाथों से छिटक गई और रिबाउंड पर सबसे पहले मेसी पहुंचे। उन्होंने बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। यह उनके विश्व कप करियर का 15वां गोल था और अर्जेंटीना की बढ़त दोगुनी हो गई।
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तीसरे गोल से पूरी की हैट्रिक
मैच के 76वें मिनट में मेसी ने अपनी हैट्रिक पूरी की। शानदार टीम मूव के बाद गेंद उनके पास पहुंची। उन्होंने बॉक्स के बाहर से जगह बनाई और अपने पसंदीदा बाएं पैर से सटीक शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ मेसी ने विश्व कप में अपने गोलों की संख्या 16 कर ली और मिरोस्लाव क्लोजे के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
200वें मैच में कई रिकॉर्ड
यह मुकाबला मेसी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। वह अर्जेंटीना के लिए 200 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने। साथ ही वह छह अलग-अलग विश्व कप खेलने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर भी बन गए। हैट्रिक के साथ उन्होंने अपने करियर की 61वीं और अर्जेंटीना के लिए 11वीं हैट्रिक पूरी की। 80वें मिनट में जब उन्हें मैदान से बाहर बुलाया गया तो पूरा स्टेडियम खड़े होकर उनका अभिवादन करता नजर आया। मेसी ने कप्तानी की आर्मबैंड निकोलस ओटामेंडी को सौंपी और मुस्कुराते हुए मैदान से बाहर गए। उनके प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखा दिया कि 38 साल (24 जून को 39 साल के हो जाएंगे) की उम्र में भी वह विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में शुमार हैं।