तीन फाइनल हार के बाद कप्तान मेसी का पहला खिताब
मेसी की कप्तानी में यह अर्जेंटीना का पहला खिताब है। इससे पहले उनके नेतृत्व में टीम को 2014 के विश्व कप फाइनल और 2015 और 2016 के विश्व कप में हार का सामना करना पड़ा था। मेसी की अक्सर इस बात को लेकर आलोचना की जाती रही कि पांच बार के बेलन डि ओर पुरस्कार विजेता बार्सिलोना क्लब को खिताब जिताते रहे हैं लेकिन अर्जेंटीना को नहीं जिता पाए। कॅरिअर के अंतिम पड़ाव में 34 साल के सुपरस्टार ने न केवल आलोचकों को शांत किया बल्कि अपने समर्थकों को मुंह मांगी मुराद पूरी कर दी। टीम में मेसी के अलावा मारिया और स्ट्राइकर सर्जियो एजेरी ऐसे खिलाड़ी थे जो 2014 विश्व कप की टीम में शामिल थे जिसे फाइनल में जर्मनी से हार का सामना करना पड़ा था।
मेसी की कप्तानी में कब-कब हारे फाइनल
इससे पहले मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना ने तीन फाइनल हारा था। साल 2014 में फुटबॉल विश्व कप फाइनल में जर्मनी ने उसे 0-1 से शिकस्त दी। 2015 में कोपा अमेरिका फाइनल में चिली ने शूट आउट में 1-4 से हराया। वहीं साल 2016 में एक बार फिर चिली ने कोपा अमेरिका फाइनल में अर्जेंटीना को शूटआउट में 2-4 से मात दी।
पांच साल पहले मेसी ने ले लिया था संन्यास
जब अर्जेंटीना को 2016 कोपा अमेरिका कप के फाइनल में लगातार दूसरे वर्ष चिली के हाथों पेनाल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा था तो मेसी इतने निराश हो गए थे कि उन्होंने 29 साल की उम्र में संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी। बाद में अर्जेंटीनी राष्ट्रपति के कहने पर उन्होंने वापसी की।
मेसी को गोल्डन बूट
मेसी ने टूर्नामेंट में चार गोल किए हालांकि कोलंबिया के लुइस डियाज ने भी इतने ही गोल किए थे लेकिन मेसी ने पांच गोल करने में भी मदद की। इस तरह अर्जेंटीना के 12 गोलों में से नौ में उनकी भूमिका रही। उन्हें ब्राजील के नेमार के साथ टूर्नामेंट का श्रेष्ठ फुटबॉलर चुना गया।
28 साल बाद जीता दूसरा कोपा अमेरिका कप
अर्जेंटीना ने इससे पहले 1993 में पिछला कोपा अमेरिका खिताब जीता था। तब से लेकर अब तक वे कोई मेजर टूर्नामेंट नहीं जीत सके हैं। 1993 के बाद अर्जेंटीना की टीम 4 बार कोपा अमेरिका के फाइनल और एक बार विश्व कप फाइनल में पहुंची। 2007 कोपा अमेरिका के फाइनल में अर्जेंटीना को ब्राजील के हाथों 3-0 से हार का सामना करना पड़ा था। यह अर्जेंटीना का 15वां महाद्वीपीय खिताब है और उसने उरुग्वे के सर्वाधिक जीत के रिकॉर्ड की बराबरी की है। ब्राजील (09) तीसरे स्थान पर है।
मारिया ने मनोवैज्ञानिक की ली थी मदद
ऐंजल डि मारिया ने एक बार स्वीकार किया था कि फाइनल फोबिया से उबरने के लिए उन्होंने मनोवैज्ञानिक की मदद ली थी। मरकाना स्टेडियम में खेले गए कोपा अमेरिका के फाइनल में वह इस फोबिया से उबर भी गए। मारिया ने कहा कि हमने यह हासिल करने के लिए न जाने कितने सपने देखे थे। लोग कहते थे कि मुझे वापसी नहीं करनी चाहिए। मुझे खुद पर भरोसा था।