सुनील छेत्री की अगुआई वाली भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम को भी एशियाई खेलों के पहले मैच में चीन के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अब आशालता देवी की अगुआई वाली महिला फुटबॉल टीम को भी वही नतीजा देखना पड़ा। मैच के शुरुआती 60 मिनट तक भारतीय टीम ने मैच में बढ़त बनाई हुई थी। ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया चीनी ताइपे को चौंकाते हुए उलटफेर करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आखिरी कुछ पलों में भारतीय डिफेंडर्स की गलती ने हार के लिए मजबूर कर दिया।
भारतीय महिला फुटबॉल टीम शानदार फॉर्म में चल रही थी और उसने ओलंपिक क्वालिफायर के ओपनिंग राउंड में इस साल जून में अपने से कहीं मजबूत किर्गिस्तान को 5-0 से हराया था। भारतीय महिला टीम को ग्रुप-बी में चीनी ताइपे और थाईलैंड के साथ रखा गया है। अब टीम इंडिया को 24 सितंबर को थाईलैंड से भिड़ना है। यह भारत के लिए करो या मरो वाला मैच होगा। क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए थाईलैंड के खिलाफ मैच में जीत जरूरी होगी।
पांचों ग्रुप की शीर्ष टीम और हर ग्रुप को मिलाकर तीन बेस्ट रनर अप टीम को क्वार्टर फाइनल यानी अंतिम आठ के लिए क्वालिफाई करने का मौका मिलेगा। पिछली बार यानी 2018 एशियाई खेलों में टीम इंडिया 11 टीमों में नौवें स्थान पर रही थी। भारतीय टीम इस साल अपने प्रदर्शन को सुधारना चाहेगी। स्वीडन के थॉमस डेनरबी भारतीय महिला फुटबॉल टीम की कोचिंग कर रहे हैं। उनकी देखरेख में चार साल पहले नाइजीरिया की महिला टीम फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ-16 में पहुंची थी।