अमृतसर के एक दर्जी के 24 साल के बेटे लवप्रीत का बचपन से खेल-कूद का बड़ा शौक था। पिता चाहते थे कि कपड़े सिलने की जगह वह खेलों में आगे निकले। लवप्रीत ने 13 साल की उम्र डीएवी मैदान में अभ्यास शुरू कर दिया था। लवप्रीत बताते हैं कि हर एथलीट की तरह उन्हें कड़ी मेहनत और संघर्ष से गुजरना पड़ा।
उन्होंने कहा- आर्थिक दिक्कतें आईं लेकिन माता-पिता ने सुनिश्चित किया कि मेरी ट्रेनिंग और खुराक को लेकर कोई बाधा न हो। हैवीवेट लिफ्टर को 2015 में नेवी में नौकरी मिल गई थी। उसके बाद वह पटियाला में राष्ट्रीय शिविर में शामिल हो गए। दो साल बाद ही उन्होंने राष्ट्रमंडल जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण और एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
कांस्य जीतने के बाद लवप्रीत ने कहा- मैं बहुत खुश हूं, यह मेरी पहली बड़ी प्रतियोगिता है। मैंने अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पदक जीता है। कुछ दबाव था लेकिन पहली लिफ्ट अच्छी होने से दूर हो गया था। साथी वेटलिफ्टर विकास ठाकुर की तरह लवप्रीत ने भी जीत के बाद ताल ठोककर (थाई फाइव) खास अंदाज में जश्न मनाकर दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसावाला को श्रद्धांजलि अर्पित की। उस समय मैच हॉल में सिद्धू मूसावाला का गीत भी गूंज रहा था।
पदक परिवार और देशवासियों को समर्पित
लवप्रीत बताते हैं कि अब राष्ट्रीय खेल होने हैं और फिर अगले साल एशियाई खेल भी हैं लेकिन वहां 102 का भारवर्ग हैं। वह अपने भारवर्ग को लेकर निर्णय लेंगे। उन्होंने अपना मेडल प्रशिक्षकों, परिवार और देशवासियों को समर्पित किया है।
लवप्रीत ने क्लीन एंड जर्क में 192 किलो उठाकर बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
बर्मिंघम। भारत के लवप्रीत सिंह ने 109 किलो भारवर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारोत्तोलन में पदक जीतने का सिलसिला जारी रखा। राष्ट्रमंडल खेलों में छठे दिन बुधवार को 355 किलो भार उठाकर पदक तय करने के साथ अपना निजी श्रेष्ठ प्रदर्शन भी कर दिखाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 192 किलो वजन उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बना दिया।
स्नैच में पहले लवप्रीत ने पहले दो प्रयासों में क्रमश: 157 और 161 किलो वजन उठाया और फिर उसे 163 के साथ और बेहतर किया। राष्ट्रमंडल जूनियर चैंपियन रहे लवप्रीत स्नैच के बाद कनाडा के पिएरे एलेकजेंडर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर चल रहे थे। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने तीसरे प्रयास में 192 के साथ अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर डाला।
भारोत्तोलन में मिले नौवें पदक के साथ पिछले गोल्डकोस्ट खेलों की बराबरी
देश का यह भारोत्तोलन में यह नौवां पदक है। इसके साथ ही भारत ने गोल्ड कोस्ट में हुए पिछले खेलों के प्रदर्शन की बराबरी कर ली। एनईसी में कनाडा के जूनियर नयाबेयेइयू 361(160+201) ने स्वर्ण, जबकि समोआ के जैक ओपलोगे ने 358(164+194) ने रजत पदक जीता।
बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में वेटलिफ्टिंग में भारत का प्रदर्शन
- स्वर्ण : मीराबाई चानू (49 भारवर्ग), जेरेमी लालरिनुंगा (67भारवर्ग), अचिंत श्यूली (73 भारवर्ग)
- रजत : संकेत सर्गर (55 भारवर्ग), बिंदिया रानी (55 भारवर्ग), विकास ठाकुर (96 भारवर्ग)
- गुरुराजा पुजारी (61 भारवर्ग), हरजिंदर कौर (71 भारवर्ग), लवप्रीत (109)