पहले क्वार्टर में ही भारतीय टीम ने दो गोल दागे। सातवें मिनट में ही भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। इसमें हरमनप्रीत सिंह ने ड्रैग फ्लिक पर शानदार गोल दागा। इसके बाद अमित रोहिदास ने 10वें मिनट में गोल दाग पहले ही क्वार्टर में टीम इंडिया को 2-0 की बढ़त दिलाई।
दूसरे क्वार्टर में भारत ने बॉल पजेशन अपने पास रखा और कनाडा को कोई मौका नहीं दिया। ललित उपाध्याय ने 20वें मिनट में भारत के लिए तीसरा गोल दागा। भारत के लिए चौथा गोल 27वें मिनट में गुरजंत सिंह ने दागा। उन्होंने काउंटर अटैक पर शानदार फील्ड गोल दागा।
तीसरे क्वार्टर में आकाशदीप सिंह ने 38वें मिनट में भारत के लिए पांचवां गोल दागा। अभिषेक 38वें और 40वें मिनट में गोल करने से चूक गए। वहीं, 41वें मिनट में आकाशदीप सिंह ने शॉट खेला, पर कनाडा के गोलकीपर ने रोक लिया।
चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने काउंटर अटैक जारी रखा। 56वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस पर हरमनप्रीत सिंह ने ड्रैग फ्लिक से शानदार गोल दागा। वहीं, 58वें मिनट में मनदीप सिंह ने गोल दाग भारत को 7-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद आकाशदीप सिंह ने गोल दाग भारत को 8-0 से बढ़त दिलाई। फुल टाइम तक यही स्कोर रहा।
इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने सेमीफाइनल के लिए अपना दावा मजबूत कर लिया है। कनाडा के खिलाफ जीत के बाद टीम इंडिया फिलहाल अपने ग्रुप (पूल-बी) में पहले नंबर पर पहुंच गई है। भारत के फिलहाल तीन मैचों में 7 अंक हैं। टीम इंडिया ने अपना पहला मैच घाना के खिलाफ 11-0 से जीता था, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ टीम को 4-4 से ड्रॉ खेलना पड़ा था।
इंग्लैंड की टीम पूल बी में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। इंग्लैंड को शीर्ष पर फिर से जगह बनाने के लिए अपने अगले मैच में कनाडा के खिलाफ 12-0 से जीत हासिल करनी होगी। वेल्स पूल-बी में तीसरे स्थान पर है।
वहीं, पूल-ए में ऑस्ट्रेलियाई टीम छह पॉइंट के साथ टॉप पर है। दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के समान 4-4 अंक हैं, लेकिन बेहतर गोल डिफ्रेंस की वजह से दक्षिण अफ्रीका दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर है। पाकिस्तान की टीम पूल-ए में एक अंक के साथ चौथे स्थान पर है।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में पहला स्वर्ण पदक जीतने के अभियान में घाना के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की। हालांकि, इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ 3-0 की बढ़त हासिल करने के बाद 4-4 से ड्रॉ खेलना पड़ा था। हालांकि, कनाडा पर जीत से भारत ने भरपाई कर ली है। कप्तान मनप्रीत की अगुआई में भारत ने पिछले साल टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद कांस्य पदक जीता था। इस बार टीम मनप्रीत की अगुआई में राष्ट्रमंडल खेलों में ऑस्ट्रेलियाई दबदबे को खत्म करना चाहती है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक सभी छह स्वर्ण पदक जीते हैं।
गोल्ड कोस्ट 2018 में पदक जीतने से असफल रही भारतीय टीम सफलता की भूखी है। भारत ने 2010 और 2014 में रजत पदक जीता था। पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई निवासी मुख्य कोच ग्राहम रीड के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने अपने आप में काफी सुधार किया है। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड जैसे कड़े प्रतिद्वंद्वियों की चुनौती से पार पाना है।