एथलेटिक ट्रैक पर अपनी रफ्तार का दीवाना बनाने वाले फर्राटा दौड़ के बेताज बादशाह उसेन बोल्ट अब ट्रैक को अलविदा कहने का मन बना रहे हैं।
पिछले दो ओलंपिक खेलों में अपनी रफ्तार का जादू दिखाने वाले जमैका के बोल्ट का कहना है कि वह 2016 ओलंपिक के बाद ट्रैक को बाय-बाय कह देंगे।
बोल्ट ने कहा कि वह 2016 में रियो ओलंपिक में स्वर्ण जीतने के साथ ही अगले साल 200 मीटर में एक और रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वह राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीतना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "रियो ओलंपिक के बाद रिटायरमेंट की योजना है। मुझे लगता है कि शीर्ष पर रहते हुए रिटायरमेंट का यह अच्छा समय होगा।"
बोल्ट पिछले महीने मास्को में तीन स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आठ स्वर्ण और दो रजत अपने नाम करने वाले दुनिया के सबसे सफल एथलीट बन गए थे। इसके अलावा उनके खाते में ओलंपिक से भी छह स्वर्ण हैं।
उन्होंने कहा, "अगर मैं मोहम्मद अली और पेले जैसे अन्य दिग्गजों की तरह महान बनना चाहता हूं तो मुझे भी संन्यास तक अपना दबदबा बनाए रखना होगा।"
बोल्ट ने दो लगातार ओलंपिक खेलों बीजिंग (2008) और लंदन (2012) में 100, 200 और चार गुणा 100 मीटर रिले रेस में स्वर्ण पदक जीता था।
फर्राटा चैंपियन अगले साल स्कॉटलैंड (ग्लास्गो) में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीतना चाहते हैं।