भारतीय महिला पहलवान अंशु मलिक फाइनल में अपनी 21 वर्षीय चीनी प्रतिद्वंद्वी केक्सिन होंग के कौशल की बराबरी नहीं कर सकीं और यहां बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज़ के 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक से हार गईं। नंबर एक रैंक वाले चीनी खिलाड़ी के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते हुए, अंशु 53 किग्रा वर्ग में हांगझोऊ एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 1-12 से हारीं।
अंशु ने मोल्दोवा की अनास्तासिया निचिता के खिलाफ 6-5 से जीत हासिल कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी। जब निचिता 5-4 से आगे थी और घड़ी में केवल 19 सेकंड शेष थे, तब अंशु ने किनारे पर टेकडाउन करके 6-5 की बढ़त हासिल कर करीबी मुकाबला जीता था। इसके बाद उन्होंने विश्व चैंपियन झांग क्यूई को 2-1 से हराकर एक अन्य चीनी खिलाड़ी के साथ खिताबी मुकाबला पक्का किया था। हालांकि, हांग अंशु के खिलाफ बेहतर साबित हुईं। उन्होंने शुरुआती राउंड में 4-1 की बढ़त ले ली और दूसरे राउंड में अपनी क्लास कायम की और 11 सेकंड शेष रहते हुए अजेय बढ़त ले ली।
भारत की अंतिम पंघाल ने इससे पहले 53 किग्रा वर्ग में रजत पदक हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष किया था, जबकि स्टार पहलवान विनेश फोगाट 50 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चीन की जियांग झू से 0-5 से हार गईं थीं। पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले भारत के एकमात्र पुरुष पहलवान अमन सहरावत ने पहले दिन जापान के री हिगुची से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 1-11 से हारकर रजत पदक जीता था।