भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन ने विश्व नंबर तीन इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेमों में 21-18, 21-12 से हरा दिया। इस जीत के साथ लक्ष्य प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। लक्ष्य ने विश्व नंबर तीन के खिलाफ पहले गेम में 8-1 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए पहले स्कोर 8-8 से बराबर किया, फिर पहले मिड-वे ब्रेक में 11-9 की बढ़त बनाई। इसके बाद दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। एक वक्त स्कोर 18-18 की बराबरी पर भी आ गया था। हालांकि, तब लक्ष्य ने अपनी नब्ज पर काबू पाते हुए खुद को कूल रखते हुए 21-18 से जीत हासिल की। पहला गेम जीतने के बाद लक्ष्य ने दूसरे गेम में भी बेहतरीन शुरुआत की। मिड-वे ब्रेक में लक्ष्य फिर से बढ़त बनाए हुए थे। इसके बाद दूसरा गेम लक्ष्य ने 21-12 से आसानी से अपने नाम किया। यह मैच 50 मिनट तक चला। पहला गेम लक्ष्य ने 28 मिनट और दूसरा गेम 23 मिनट में अपने नाम किया। दोनों ही एथलीट्स के लिए ये मुकाबला करो या मरो वाला था। हारने वाले खिलाड़ी का सफर पेरिस ओलंपिक में खत्म हो जाता। ऐसे में लक्ष्य ने क्रिस्टी को हराकर उनका सफर पेरिस ओलंपिक में खत्म कर दिया।
लक्ष्य सेन
- फोटो : PTI
मैच के दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। दरअसल, पहले गेम में 11-9 की बढ़त हासिल करने पर मिड-वे ब्रेक में जब लक्ष्य अपने कोच विमल कुमार और मेंटर प्रकाश पादुकोण से बात कर रहे थे, तो दोनों उन्हें इस मैच के लिए हौसला बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। कभी अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के पिता और भारत के बैडमिंटन लीजेंड प्रकाश पादुकोण ने एक ऐसी बात कही, जिसने फैंस का दिल जीत लिया। प्रकाश ने लक्ष्य से कहा- आज तुम्हारा दिन है..आज वो (क्रिस्टी) कुछ नहीं कर पाएगा। तुम बस उसकी कमजोरियों को निशाना बनाते रहो और उसे गलती करने पर मजबूर करो। अपनी स्ट्रेंथ पर खेलो।
लक्ष्य सेन
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प्रकाश की कही यह बात वाकई सच साबित हुई। आज वाकई लक्ष्य का दिन रहा। उन्होंने कुछ ऐसे शॉट्स लगाए, जिसका क्रिस्टी के पास कोई जवाब नहीं था। लक्ष्य ने क्रिस्टी से गलतियां करवाईं और इंडोनेशियाई खिलाड़ी कोर्ट से बाहर आउट शॉट्स मारते रहे। पहले गेम में सबसे लंबी रैली 69 सेकंड की रही। इस दौरान दोनों की ओर से 58 स्ट्रोक्स लगे। वहीं, गेम दो में सबसे लंबी रैली 61 सेकंड की रही और दोनों की ओर से 50 स्ट्रोक्स लगे। क्रिस्टी के खिलाफ जब भी लक्ष्य ने लंबी रैली खेली, भारतीय शटलर को अंक गंवाने पड़े। ऐसे में लक्ष्य ने लंबी रैली न खेलकर क्रिस्टी की पहुंच से दूर शॉट्स लगाए। इस जीत के साथ ही लक्ष्य ने फैंस के मन में एक और पदक की आस जगा दी है। हालांकि, अब यहां से चुनौती ज्यादा मुश्किल हो जाएगी और एक मैच नॉकआउट मैच होगा। हारने पर बाहर होने का खतरा होगा।
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लक्ष्य सेन की उपलब्धियां
लक्ष्य सेन के लिए पिछले कुछ साल शानदार गुजरे हैं। 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में लक्ष्य ने स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, 2021 में हुएल्वा में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के पुरुष एकल में लक्ष्य ने कांस्य पदक जीता था। उन्हें किदांबी श्रीकांत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, इसके बाद लक्ष्य ने थॉमस कप में मेन्स टीम के साथ स्वर्ण पदक जीता था। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में लक्ष्य ने पुरुष एकल में स्वर्ण और मिक्स्ड टीम के साथ रजत पदक जीता। इससे पहले लक्ष्य मनीला में हुए एशिया टीम चैंपियनशिप्स में कांस्य पदक जीत चुके हैं। वहीं, 2018 में ब्यूनस आयर्स में हुए यूथ ओलंपिक गेम्स में लक्ष्य ने रजत पदक जीता था। 2018 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप्स में उन्होंने कांस्य अपने नाम किया था। एशियन जूनियर चैंपियनशिप्स में 2018 में लक्ष्य ने स्वर्ण और 2016 में कांस्य जीता था।