टोक्यो ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को एशियाई खेलों में बुधवार को एकतरफा फाइनल में हारने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि परवीन हुड्डा को कांस्य पदक मिला। मौजूदा एशियाई चैंपियन लवलीना को दो बार की ओलंपिक पदक विजेता लि कियान ने 75 किलो फाइनल में हराया।
इसके साथ ही मुक्केबाजी में भारत की चुनौती समाप्त हो गई। भारत ने एक रजत और चार कांस्य समेत पांच पदक जीते। फाइनल में दोनों मुक्केबाजों ने एक दूसरे पर मुक्के लगाए लेकिन सटीक नहीं लगे। पहले राउंड में कोई भी प्रभावित नहीं कर सका। लवलीना को दो बार चेतावनी भी मिली और कियान ने 3-2 से यह राउंड जीता।
दूसरे राउंड में दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को पकड़ने की कोशिश की। लवलीना को इसके चक्कर में फिर चेतावनी मिली और एक अंक भी उन्होंने गंवाया। पहले दो राउंड के बाद उसे सक्रिय होना था लेकिन शायद उसने दो राउंड के बाद ही हार मान ली। महिला 57 किग्रा सेमीफाइनल में परवीन को दो बार की विश्व चैंपियन चीनी ताइपे की लिन यू टिंग के खिलाफ हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
विश्व चैंपियनशिप 2022 की कांस्य पदक विजेता परवीन को लिन ने 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। लंबाई में लिन से कम होने का भी परवीन को खामियाजा भुगतना पड़ा और वह चीनी ताइपे की खिलाड़ी को मुक्के जड़कर अंक जुटाने में नाकाम रहीं।
पहले दौर में पिछड़ने के बाद परवीन ने दूसरे दौर में आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन 27 साल की लिन ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए भारतीय खिलाड़ी के प्रयासों को नाकाम कर दिया।लवलीना ने मुकाबले के मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन स्वर्ण नहीं जीत सकी। मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं। ओलंपिक में पदक का रंग बदलने की कोशिश करूंगी।’-लवलीना बोरगोहेन