ओलंपिक इतिहास के व्यक्तिगत स्पर्द्धाओं में एकमात्र स्वर्ण विजेता भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने अपने आखिरी राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पर निशाना साधा।
बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल में नए रिकॉर्ड के साथ भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। भारत का इन खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता में इस बार यह पहला और कुल तीसरा स्वर्ण पदक है।
चार साल पहले दिल्ली में बिंद्रा इसी स्पर्द्धा में रजत पदक जीत पाए थे और दो साल पहले लंदन ओलंपिक में इस स्पर्द्धा के फाइनल में नहीं पहुंच पाए थे लेकिन बिंद्रा ने अपने आखिरी राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन के साथ सारी कसर एक साथ निकाल दी।
बिंद्रा ने बैरी बडन शूटिंग रेंज में फाइनल में 205.3 अंक लेकर स्वर्ण पदक जीता। बांग्लादेश के अब्दुल्ला बाकी ने 202.1 अंक के साथ रजत पदक जीता जबकि इंग्लैंड के डेनियल रिवर्स ने 182.4 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।
पदक से चूके रवि कुमार
भारत के रवि कुमार शूट आफ में पराजित होकर चौथे स्थान पर रहे। क्वालीफाइंग में बिंद्रा 622.2 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। रिवर्स 623.6 अंकों साथ चोटी पर और इंग्लैंड के ही के पार 623.4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर थे।
रवि 620.6 अंकों के साथ चौथे और बाकी 620.0 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर थे। रिवर्स ने क्वालिफिकेशन में नया गेम रिकॉर्ड बनाया लेकिन फाइनल में बिंद्रा का प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने 205.3 अंकों के साथ स्वर्ण कब्जाया। बिंद्रा का कॉमनवेल्थ गेम्स में यह कुल नौवां पदक है।
बिंद्रा ने अपनी स्पर्द्धा से एक दिन पहले घोषणा की थी कि यह उनके आखिरी राष्ट्रमंडल खेल हैं जिसे वह यादगार बनाना चाहते हैं। भारतीय निशानेबाज ने आखिर अपने सपने को पूरा कर दिखाया।
हिना चूकीं, मलाइका ने जीता पदक
भारत की 16 वर्षीय मलाइका गोयल ने राष्ट्रमंडल खेल की 10 मीटर एयर पिस्टल महिला स्पर्द्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक पर निशाना साधा। हालांकि दुनिया की नंबर वन निशानेबाज हीना सिद्धू ने क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष पर रहने के बावजूद निराशा किया और फाइनल में सातवें स्थान पर रहते हुए वह पदक से चूक गईं।
हिना ने चार साल पहले दिल्ली में टीम स्पर्द्धा में स्वर्ण और व्यक्तिगत स्पर्द्धा में रजत पदक हासिल किया था। वह गत नवंबर में म्यूनिख वर्ल्ड कप में अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद विश्व की नंबर एक निशानेबाज बनी थीं।