खेल मंत्रालय ने ट्विटर पर जानकारी दी कि भगवानी ने 100 मीटर स्प्रिंट इवेंट में महज 24.74 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। साथ ही शॉटपुट में कांस्य पदक भी हासिल किया। भगवानी ने कुल एक स्वर्ण और दो कांस्य समेत तीन पदक जीते। खेल विभाग ने पोस्ट में लिखा- वास्तव में सराहनीय प्रयास।
वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप 35 साल और उससे अधिक उम्र के एथलीटों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत 1975 में की गई थी। यह 29 जून से 10 जुलाई तक फिनलैंड में आयोजित किया गया था। भगवानी की उपलब्धियों की देश के हर कोने में सराहना हुई। अनुराग ठाकुर, हरदीप सिंह पुरी और पीयूष गोयल सहित मंत्रियों ने 94 वर्षीय को "सभी के लिए प्रेरणा" बताते हुए बधाई दी।
एक ट्विटर पोस्ट में पीयूष गोयल ने लिखा- द वर्ल्ड एट हर फीट! हमें आप पर बहुत गर्व है भगवानी देवी डागर जी, फिनलैंड में विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के लिए एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीतने के लिए। 94 की उम्र में क्या शानदार उपलब्धि है।
दूसरी ओर दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा- मैं भगवानी देवी जी को बधाई देता हूं, जिन्होंने 94 साल की उम्र में विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के लिए सम्मान जीता है। उनकी भावना और ताकत हम सभी के लिए एक प्रेरणा है। भारत को आप पर गर्व है। ऐसे ही आगे बढ़ते रहें।
इसके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनहोर लाल खट्टर ने भी भगवानी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 94 साल की उम्र में वह पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। सोशल मीडिया पर भी यूजर्स जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- सुपर लेडी... कल्पना से परे...युवाओं के लिए महान प्रेरणा। वहीं दूसरे ने लिखा- एथलेटिक्स की रानी। तीसरे यूजर ने लिखा- ट्रैक पर एक अद्भुत एथलीट को देखकर बहुत अच्छा लगा।