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Amar Ujala Samvad: श्रीराम और श्रीकृष्ण पर क्या बोलीं जया किशोरी? जानें यहां

Tue, 27 Feb 2024 05:58 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन मुख्य वक्ता, कथा वाचक और आध्यात्मिक गुरु के रूप में जया  किशोरी जी शामिल हुईं। जया किशोरी जी ने श्री कृष्ण और श्री राम दोनों के लेकर बातें की। उनके अनुसार श्री राम और श्री कृष्ण दोनों ही उनके आदर्श हैं।
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Amar Ujala Samvad - फोटो : अमर उजाला
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Amar Ujala Samvad Jaya Kishori: अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन मुख्य वक्ता, कथा वाचक और आध्यात्मिक गुरु के रूप में जया किशोरी जी शामिल हुईं। जया किशोरी जी ने श्री कृष्ण और श्री राम दोनों के लेकर बातें की। उनके अनुसार श्री राम और श्री कृष्ण दोनों ही उनके आदर्श हैं। आइए जानते हैं मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी के विचार श्री कृष्ण और श्री राम को लेकर। 

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श्री राम और कृष्ण से सीखें खुश रहना 
जया किशोरी जी के अनुसार भगवान राम ने अपने जीवन में बहुत से दुख, कष्ट और परेशानियां देखीं लेकिन फिर भी उनके चेहरे से मुस्कुराहट कभी गायब नहीं हुई । वे जहां रहे, खुश रहे। श्रीराम तो सबसे पहले सिखा गए कि परिस्थितियां विपरीत हों, लेकिन मुस्कुराएं। श्रीकृष्ण भी अपने जन्म से ही मृत्यु को सामने देख रहे थे, लेकिन कृष्ण सबसे खुश रहे। जिनके पास सब कुछ है, वो आकर कहते हैं कि हमारे पास सब है, लेकिन खुशी नहीं है। श्रीराम और श्रीकृष्ण को चरित्र आपको जीवन में बहुत ताकत दे सकता है। परिस्थिति कोई भी हो, आप संभाल लेंगे।

श्री राम और कृष्ण से सीखें मर्यादा 
जया जी के अनुसार कृष्ण ही राम हैं और राम ही कृष्ण हैं। श्रीराम आपको सिखाते हैं कि मर्यादा में रहते कैसे हैं और श्रीकृष्ण सिखाते हैं कि मर्यादा में रखते कैसे हैं। दोनों सिखाते हैं कि बदलाव प्रकृति का नियम है। समय बदलेगा तो हमें भी बदलाव करना होगा। 
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परिस्थितियों को सहना सीखें 
श्रीकृष्ण कहते हैं कि कुछ परिस्थितियां सहने के लिए होती हैं, जैसे ऋतु चक्र। आप मौसम को हटा नहीं सकते। जिसे ठंड नहीं पसंद, वह गर्म कपड़े पहन सकता है, लेकिन मौसम को नहीं बदल सकता। आप कितने भी व्यस्त रहें परिवार के लिए समय अवश्य रखें।  
जया जी के अनुसार आध्यात्म युवाओं के लिए ही है। शास्त्र जीवन जीना सिखाते हैं, लेकिन हम उन्हें तब पढ़ते हैं, जब जीवन बचा ही नहीं होता। आध्यात्म, भगवान, ये युवाओं के लिए ही है। युवा सबसे ज्यादा बदलाव देख रहा है। माता-पिता अलग पीढ़ी से हैं, युवा अलग पीढ़ी से हैं। युवा दो जिंदगी जी रहा है, उससे ज्यादा कन्फ्यूज कोई नहीं है। 

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