Chanakya Niti: जीवन में कुछ लक्ष्य ऐसे होते हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए इंसान तरह-तरह की परेशानियों से गुजरता है। इस दौरान कुछ लोग हार मान लेते हैं, तो कुछ इन परिस्थितियों का सामना करते हैं। सामना करने की शक्ति हमेशा परिवार से मिलती हैं, क्योंकि बिना किसी लालच के जो ढाल बनकर खड़ा रहे उसी का नाम तो 'परिवार' है। आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में एक अच्छे परिवार का उल्लेख किया है। उनका मानना है कि अच्छा परिवार होने से बड़े से बड़ा संकट भी टल जाता है और इससे एक अच्छे समाज का भी निर्माण होता है। इसमें घर के मुखिया की भूमिका बेहद खास होती हैं।
यदि घर का मुखिया सर्वगुण सम्पन्न हो तो, परिवार के सभी सदस्य तरक्की करते हैं। लेकिन मुखिया में कुछ खराब आदतें या खामियां होने से परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा मुसीबतों का स्तर भी धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। इसी कड़ी में आइए जान लेते हैं कि घर के मुखिया में क्या गुण नहीं होने चाहिए।