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Chanakya Niti: इन तीन लोगों से बहुत सोच समझकर करनी चाहिए दोस्ती, करते हैं हमेशा नुकसान

Mon, 18 Nov 2024 07:24 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chanakya Niti for friendship: हम सभी के जीवन में दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है, जो खून से नहीं, बल्कि दिल से जुड़ा होता है।
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Chanakya Niti for friendship - फोटो : freepik
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विस्तार
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Chanakya Niti for Friendship: हम सभी के जीवन में दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है, जो खून से नहीं, बल्कि दिल से जुड़ा होता है। इसके सहारे व्यक्ति बड़े से बड़ी समस्याओं का समाधान स्वयं करता है, क्योंकि मित्रता जीवन में सहारा और समर्थन दोनों प्रदान करती हैं। विद्वानों के अनुसार जीवन में सच्चा मित्र होने पर हर परिस्थिति में भावनात्मक समर्थन मिलता है। साथ ही व्यक्ति के आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती हैं। लेकिन कुछ लोगों से दोस्ती रखने से बचना चाहिए, अन्यथा आपकी समस्याएं बढ़ सकती हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार इंसान को लालची लोगों से कभी मित्रता नहीं रखनी चाहिए। ऐसे लोग लालच के चलते आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए इनसे हमेशा दूरी बनाकर रखें। चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में ऐसे कई अन्य लोगों का भी उल्लेख किया है, जिनसे मित्रता नहीं करनी चाहिए। आइए इनके बारे में जानते है।

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परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्। 
वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम् ।।

चाणक्य के इस श्लोक का अर्थ है कि जो लोग पीठ पीछे आपके कार्य को बिगाड़े हैं, और सामने मीठी-मीठी बातें करते हैं। ऐसे लोगों से कभी भी मित्रता नहीं रखनी चाहिए। उनका मानना है कि इन लोगों को हमेशा उस घड़े के समान त्याग देना चाहिए, जिसके मुंह पर तो दूध भरा हुआ है, लेकिन अंदर विष है। 

न विश्वसेत् कुमित्रे च मित्रे चाऽपि न विश्वसेत् । 
कदाचित् कुपितं मित्रं सर्व गुह्यं प्रकाशयेत् ।।

आचार्य चाणक्य के इस श्लोक का अर्थ है कि,  खोटे मित्र पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए। ऐसे लोग नाराजगी होने पर आपके सभी राज उजागर कर सकते हैं। इसलिए कभी इन लोगों पर भसोना न करें।

प्रलये भिन्नमार्यादा भविंत किल सागर:
सागरा भेदमिच्छन्ति प्रलेयशपि न साधव:।

इसका अर्थ है कि जब प्रलय आती है, तो समुद्र भी अपनी सीमाओं को तोड़ देता है। परंतु एक सज्जन आदमी प्रलय के समान स्थिति में भी अपनी सीमा नहीं लांघता है। आचार्य चाणक्य का मानना है कि जीवन में हमेशा सज्जन व्यक्ति से मित्रता रखनी चाहिए। ये लोग धैर्यवान होते हैं, और हर समस्याओं का समाधान अपने विवेक से करते हैं। 
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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