चैत्र माह की पूर्णिमा के बाद प्रतिपदा से वैसाख महीने के आरंभ हो जाता है। भारतीय पंचांग के अनुसार वैशाख वर्ष का दूसरा महीना होता है। धार्मिक और आध्यात्मिक नजरिए से वैशाख महीने का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। वैशाख महीने में पूजा-पाठ, स्नान और ध्यान का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसी माह में माता सीता का जन्म धरती की कोख से हुआ था। वैशाख मास की शुरुआत 20 अप्रैल से शुरू होकर 18 मई को वैशाख पूर्णिमा के साथ ही समाप्त होगा।
वैशाख महीने के व्रत और त्योहार
21 अप्रैल- ईस्टर
21 अप्रैल को ईसाई समुदाय का पर्व ईस्टर मनाया जाएगा। ईसाई मान्यता के अनुसार गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु को सूली पर लटकाया गया था इसके तीन दिन बाद ही ईसा मसीह दोबारा जीवित हो गए थे जिसकी खुशी में ईस्टर का त्योहार मनाया जाता है।
30 अप्रैल - वरुथिनी एकादशी
हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है। वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरूथिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना की जाती है। वरूथिनी एकादशी का व्रत 30 अप्रैल को रखा जाएगा।
7 मई- अक्षय तृतीया
अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 7 मई 2019 को वैसाख महीने का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। मान्यता के अनुसार वैसाख महीने की अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु के अवतार नर -नारायण ने अवतार लिया था। अक्षय तृतीया को सबसे सौभाग्यशाली दिन माना गया है। इस दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाएगी।
13 मई सीता नवमी
13 मई को सीता नवमी है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर माता सीता धरती मां की कोख से प्रकट हुई थी। माता सीता को मां लक्ष्मी का ही अवतार माना जाता है।
15 मई- मोहिनी एकादशी
वैशाख शुक्ल एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। मोहिनी एकादशी का काफी महत्व है। यह एकादशी 15 मई को मनाई जाएगी।
18 मई- वैशाख पूर्णिमा/ बुद्ध पूर्णिमा
वैशाख पूर्णिमा माह का अंतिम दिन होगा। वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है।