सोमवार को इस पूजा से प्रसन्न होंगे महादेव
पूजा में कुछ चीजों का प्रयोग करने से जहां भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होकर मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं, वहीं कुछ चीजों के प्रयोग से नाराज हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि किन चीजों को भूलकर भी भगवान शिव को नहीं चढ़ाना चाहिए —
1. नारियल - भगवान की शिव की पूजा के दौरान कभी भी नारियल के पानी से अभिषेक नहीं करना चाहिए। नारियल देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे शिव जी को नहीं चढ़ाया जाता है।
2. सिंदूर - कभी भी भूलकर शिवलिंग पर सिंदूर या कुमकुम नहीं चढ़ना चढ़ना चाहिए। दरअसल, कुमकुम सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, जबकि भगवान शिव वैरागी हैं, इसलिए शिव जी को कुमकुम नहीं चढ़ना चाहिए।
3. हल्दी - हल्दी का संबंध भी सौभाग्य से होता है, इसलिए शिवलिंग पर हल्दी को न चढ़ाएं।
4.शंख - भले ही हम तमाम तरह की पूजा में शंख का प्रयोग करते हों लेकिन शिव पूजन में इसका प्रयोग नहीं किया जाता है। एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव ने शंखचूड़ नाम के असुर का वध किया था, जो भगवान विष्णु का अनन्य भक्त था। शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है। इसलिए भगवान की पूजा में शंख का प्रयोग नहीं किया जाता।
5. तुलसी - सनातन परंपरा में तुलसी के पौधे और उसकी पत्तियों को पूजा के लिए शुभ माना गया है। पूजा के अलावा भी यह काफी गुणकारी है, लेकिन तुलसी के पत्तों को शिवलिंग पर चढ़ाना वर्जित है। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान शिव ने तुलसी के असुर पति का वध किया कर दिया था। ऐसे में कई बार लोग अनजाने में शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग करने की गलती कर जाते हैं। जिसके कारण उनकी पूजा पूर्ण नहीं होती।
6.अक्षत - भगवान शिव को अक्षत यानी चावल कभी न चढ़ाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है, इसलिए यह शिवलिंग पर नहीं चढ़ता।
7.तिल - हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत शुभ माना गया है। सभी तरह के शुभ कार्यों में तुलसी के पत्तों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन तुलसी के पत्तों को शिवलिंग पर चढ़ाना मना है। दरअसल भगवान शिव ने तुलसी के असुर पति का वध किया कर दिया था। ऐसे में कई बार लोग भूलवश भोलेनाथ की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल करते हैं जिस वजह से उनकी पूजा पूरी नहीं मानी जाती।