हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। इस बार कार्तिक मास की चतुर्दशी का शिवरात्रि व्रत 3 नवंबर यानी दीवाली से एक दिन पहले किया जाएगा। यह दिन भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय होता है। वैसे तो वर्ष में फाल्गुन मास की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है लेकिन प्रत्येक माह पड़ने वाली शिवरात्रि का भी विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन व्रत, पूजन के साथ ही भगवान शिव का अभिषेक करना बहुत ही शुभ रहता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रत्येक शिवरात्रि पर व्रत व पूजन करने से व्यक्ति को समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है व भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। जानते हैं शिवरात्रि का महत्व व व्रत पूजन विधि