Sawan mein Karein Belpatra ke Upay: सावन का महीना शुरू हो चुका है। जैसा कि सब जानते हैं कि श्रावण मास भगवान भोलेनाथ का प्रिय महीना माना जाता है। इस दिन भोलेनाथ की पूजा अर्चना पूरे विधि विधान से की जाती है। किसी भी ईश्वर की पूजा उन्हें को कुछ अर्पित किए बिना पूरी नहीं होती। भगवान शिव बहुत सरल और भोले हैं, और वे ज़्यादा अपेक्षा नहीं करते, उन्हें आप बस 'बेलपत्र' चढ़ाकर भी प्रसन्न कर सकते हैं। बेल पत्र को संस्कृत में बिल्व पत्र के नाम से भी जाना जाता है। ‘बिल्व’ शब्द का अर्थ है बेल का पेड़ और ‘पत्र’ का अर्थ है पत्ता। जब हम भगवान शिव की पूजा करते हैं, तो बेल पत्र सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि बेल पत्र भगवान शिव को बहुत प्रिय हैं। तीन पत्तों वाला बेल पत्र त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, बेल पत्र के तीन पत्ते भगवान शिव की तीन आँखों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। जैन धर्म के लोग भी बेल पत्र को शुभ मानते हैं। ऐसा माना जाता है कि 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ ने इसी पेड़ के नीचे निर्वाण प्राप्त किया था। भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र सबसे प्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रावण मास में बेलपत्र द्वारा किए गए उपाय से घर में सुख समृद्धि आती है और भोलेनाथ भी प्रसन्न होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं बेलपत्र से जुड़े उपायों के बारे में।