शास्त्रों के अनुसार रविवार का दिन प्रत्यक्ष देवता माने जाने वाले भगवान सूर्यदेव की उपासना के लिए सबसे अच्छा और शुभ माना जाता है। सभी नौ ग्रहों में सूर्यदेव को राजा का दर्जा हासिल है। सूर्यदेव समस्त ऊर्जा के केंद्र बिंदु हैं और आत्मा के कारक हैं। नियमित रूप से भगवान सूर्य की पूजा-आराधना करने पर कुंडली में सूर्य समेत अन्य ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार रविवार के दिन सूर्यदेव को जल अर्पित करने से भाग्य में कई गुने की वृद्धि होती है। इस दिन कुछ उपाय करने से जीवन में सुख-शांति, यश-कीर्ति और आरोग्यता की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं रविवार के दिन सूर्य उपासना करने से क्या-क्या लाभ मिलता है।
आरोग्यता और धन वृद्दि के लिए
शास्त्रों के अनुसार रविवार के दिन विशेष रूप से सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य देकर प्रणाम करने से आयु में वृद्धि, आरोग्यता, धन वृद्दि, पुत्र प्राप्ति, तेज, वीर्य, यश, वैभव और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सूर्यदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए सुबह स्नान करके उगते हुए सूर्यदेव को जल देने के लिए तांबे के पात्र में जल, अक्षत, लाल पुष्प, लाल चंदन और कुश डाल सूर्यदेव की तरफ मुख करके और सूर्य मंत्रों का जाप करते हुए जल अर्पित करें और लाल पुष्प अर्पित करें। इस जीवन में आरोग्यता और धन की प्राप्ति होगी।
शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए
सूर्यदेव की उपासना के लिए आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करना बहुत ही लाभकारी और शुभ माना जाता है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार इस स्तोत्र की रचना अगस्त्य मुनि ने भगवान राम को युद्ध में रावण पर विजय के लिए की थी। रविवार के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देते हुए आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करने से मानसिक कष्ट, हृदय रोग, तनाव, शत्रु कष्ट और असफलताओं पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
दोषों को दूर करने के लिए
सूर्य से संबंधित चीजें जैसे तांबे का बर्तन, पीले या लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, माणिक्य, लाल चंदन आदि का दान करें। अपनी श्रद्धानुसार इन चीजों में से किसी भी चीज का दान किया जा सकता है। इससे कुंडली में सूर्य के दोष दूर हो जाते हैं।