मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष में सोमवार को पड़ रहा है।
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सोम प्रदोष व्रत तिथि
मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि आरंभ: 21 नवंबर, सोमवार, प्रातः 10: 06 मिनट पर
मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि समाप्त: 22 नवंबर, मंगलवार, प्रातः 08:48 मिनट पर
प्रदोष व्रत की पूजा सायंकाल में की जाती है, इसलिए सोम प्रदोष व्रत 21 नवंबर को रखा जाएगा।
मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष में सोमवार को पड़ रहा है।
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शुभ मुहूर्त
प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त आरंभ: 21 नवंबर, सायं 5:24 मिनट से
प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त समाप्त: 21 नवंबर, रात्रि 08:05 मिनट पर
मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष में सोमवार को पड़ रहा है।
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शुभ योग
प्रदोष व्रत के दिन सुबह से लेकर रात 09 बजकर 06 मिनट तक आयुष्मान योग बन रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस योग में पूजा करने का दोगुना फल प्राप्त होता है।
मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष में सोमवार को पड़ रहा है।
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मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष में सोमवार को पड़ रहा है।
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सोम प्रदोष का महत्व
पौराणिक मान्यता के अनुसार सोम प्रदोष व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष या ग्रहण दोष है उन्हें सोम प्रदोष का व्रत जरूर रखना चाहिए। प्रदोष व्रत रखने और शिव पूजा करने से रोग, ग्रह दोष, कष्ट, पाप आदि दूर होते हैं।