ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपकी कुंडली के सभी 9 ग्रह जीवन को प्रभावित करते हैं अर्थात विवाह, करियर, संतान, मकान, स्वास्थ्य और वित्त आदि। ग्रहों के अनुकूल होने से जीवन में शांति, उन्नति और सकारात्मकता बनी रहती है वहीं कुंडली में इन ग्रहों की चाल योग या दोष (नकारात्मक प्रभाव) बनाती है। इन नव ग्रह दोषों के कारण, लोगों को अपने जीवन में विभिन्न बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इन ग्रहों के अशुभ दोष या अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए, हम नव ग्रह पूजा करते हैं और उनकी शांति भी करवाते हैं। लेकिन भगवान शिव ऐसे देव हैं जिनकी पूजा करने से सभी ग्रह शांत होकर शुभ फल देने लगते हैं। आइए जानते हैं।
शुक्रवार- शुक्रदेव आकर्षण, ऐश्वर्य, सौभाग्य, धन, प्रेम और वैभव के कारक माने जाते हैं। इस दिन शिवलिंग पर गुलाब जल, सफ़ेद चंदन का जल, सफ़ेद सुगन्धित पुष्प, इत्र या दही-बूरा अर्पित करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है।
शनिवार - शनिदेव न्याय के देवता माने जाते हैं। यह कर्म के अनुसार जातक को फल देते हैं। शनिवार के दिन शिवलिंग पर काले तिल या काला उढ़द चढ़ाने से शनि देव के अशुभ प्रभाव से छुटकारा मिलता है।
रविवार - रविवार का दिन सूर्य भगवान को समर्पित है। इस ग्रह की कृपा और शुभ फल पाने के लिए आप शिवलिंग पर लाल चंदन का लेप करें, तिलक लगाएं या जल में लाल चंदन मिलकर अभिषेक करें। इससे आपकी कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होगा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।