Rudrabhishek: हिंदू धर्म में सावन माह को भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ माना गया है। इस माह में महादेव की उपासना करने से मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होती हैं। इस दौरान आने वाले सभी सोमवार को बाबा भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया जाता है। भगवान शिव के रुद्राभिषेक के लिए इस दिन को उत्तम माना गया है। पूजा के दौरान सभी शिव भक्त शिवलिंग पर बेलपत्र और दूध चढ़ाते है। ऐसा करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं।
वहीं जीवन में तमाम तरह की समस्याओं का निवारण करने के लिए हमेशा भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने की सलाह दी जाती है। रुद्राभिषेक में ऐसी शक्ति होती है, जिससे व्यक्ति के मन में सकारात्मकता का संचार होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि साल में कुछ ऐसी तिथियां भी होती हैं, जिस पर रुद्राभिषेक करने की मनाही होती है। आइए इसके बारे में जान लेते हैं।
ॐ नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च ॥
ईशानः सर्वविद्यानामीश्व रः सर्वभूतानां ब्रह्माधिपतिर्ब्रह्मणोऽधिपति ब्रह्मा शिवोमे अस्तु सदाशिवोय् ॥
तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
अघोरेभ्योथघोरेभ्यो घोरघोरतरेभ्यः सर्वेभ्यः सर्व सर्वेभ्यो नमस्ते अस्तु रुद्ररुपेभ्यः॥
वामदेवाय नमो ज्येष्ठारय नमः श्रेष्ठारय नमो
रुद्राय नमः कालाय नम: कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमः
बलाय नमो बलप्रमथनाथाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः ॥
सद्योजातं प्रपद्यामि सद्योजाताय वै नमो नमः ।
भवे भवे नाति भवे भवस्व मां भवोद्भवाय नमः ॥
नम: सायं नम: प्रातर्नमो रात्र्या नमो दिवा ।
भवाय च शर्वाय चाभाभ्यामकरं नम: ॥
यस्य नि:श्र्वसितं वेदा यो वेदेभ्यो खिलं जगत् ।
निर्ममे तमहं वन्दे विद्यातीर्थ महेश्वरम् ॥
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिबर्धनम् उर्वारूकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
सर्वो वै रुद्रास्तस्मै रुद्राय नमो अस्तु । पुरुषो वै रुद्र: सन्महो नमो नम: ॥
विश्वा भूतं भुवनं चित्रं बहुधा जातं जायामानं च यत् । सर्वो ह्येष रुद्रस्तस्मै रुद्रायनमो अस्तु ॥