मंगलवार हनुमान जी का दिन। इस दिन किसी अन्य देवता की पूजा की अपेक्षा हनुमान जी पूजा करना विशेष फलदायी होता है। लेकिन शनि दोष अथवा मंगल के कुप्रभाव के कारण जिनके पारिवारिक जीवन में परेशानी आ रही है।
बार-बार दुर्घटनाओं के कारण कष्ट प्राप्त हो रहा है उनके लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा विशेष लाभप्रद रहती है। ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि इन दोनों ग्रहों के कुप्रभाव को दूर करने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना उत्तम होता है।
मान्यता है कि जो व्यक्ति प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर के साथ तिल का तेल अर्पित करता है हनुमान जी उसके सभी विघ्न और बाधाओं को हर लेते हैं। इसका कारण यह है कि सिंदूर को ज्योतिषशास्त्र में मंगल की वस्तु कहा गया है। जबकि तिल को शनि से संबंधित वस्तु माना गया है।
शनि और मंगल दोनों ही ग्रह दांपत्य जीवन में परेशानी एवं विवाह में देरी के लिए प्रमुख कारक माने जाते हैं। इन दोनों ग्रहों के कुप्रभाव के कारण व्यक्ति को बार-बार दुर्घटनाओं के कारण कष्ट भी भोगना पड़ता है। हनुमान जी मंगलवार के देवता हैं और शनि ने वचन दिया है कि वह हनुमान के भक्तों को नहीं सताएंगे। इसलिए तिल के तेल एवं सिंदूर से हनुमान की कृपा प्राप्त हो जाती है।
एक बार हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया था जिसे देखकर राम जी खूब हंसे थे। इससे हनुमान जी को बड़ा आनंद मिला। जब भक्त हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करता तो हनुमान जी उसी आनंद की अनुभूति करते हैं और भक्त को सभी विघ्न बाधाओं से बचाते हैं।
जिन लोगों की शादी में बार-बार बाधा आ रही है उनके लिए एक आसान सा उपाय यह है कि मंलवार के दिन लाल रंग का लंगोटा हनुमान जी को अर्पित करें। इस उपाय से विवाह में बाधक ग्रहों का प्रभाव दूर हो जाता है। जिनकी कुण्डली में शनि और मंगल दोनों ग्रह प्रतिकूल स्थिति में हों उनके लिए यह उपाय बहुत ही लाभप्रद माना जाता है।