प्रत्येक वर्ष मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती मनाई जाती है। इस दिन मोक्षदा एकादशी भी मनाई जाती है। इस बार गीता जयंती 14 दिसंबर को मनाई जा रही है। मान्यता है गीता ग्रंथ का प्रादुर्भाव मार्गशीर्ष मास में शुक्लपक्ष की एकादशी को हुआ था। महाभारत के दौरान श्री कृष्ण द्वारा आर्जून को दिए गए उपदेश से गीता का आगमन माना जाता है। मोक्षदा एकादशी को ही गीता जयन्ती मनाई जाति है। इस दिन विधिपूर्वक गीता व भगवान विष्णु की पूजा करने पर यथा शक्ति दानादि करने से पापों से मुक्ति मिलती है तथा शुभ फलों की प्राप्ति होती है। गीता जयंती के दिन श्री विष्णु जी का पूजन करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है और साथ ही मोक्ष का मार्ग प्रश्स्त होता है।
गीता जयंती तिथि
एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 दिसंबर, सोमवार रात्रि 09: 32 मिनट पर
एकादशी तिथि समाप्त:14 दिसंबर, मंगलवार रात्रि 11: 35 मिनट तक (गीता जयंती 14 दिसंबर को मनाई जाएगी।)