आज से शारदीय नवरात्र शुरु हो गया है। पंडालों से लेकर घरों तक हर जगह मां के जयकारे गूंज रहे हैं। भक्तगण हर वह उपाय करना चाह रहे हैं जिससे वह मां भगवाती को प्रसन्न कर सकें।
इसके लिए धूप-दीप जलकर मां की आराधना भी करते हैं। कुछ लोग मनोकामना पूर्ति के लिए अखंड दीप भी जलाते हैं। लेकिन अखंड दीप जलाते से कुछ बातों का जरुर ध्यान रखना चाहिए क्योंकि अखंड दीप से मनोकामना पूरी होती और आपकी छोटी सी भूल आपको निराश भी कर सकती है।
शास्त्रों के अनुसार अखंड दीपक की लौ संकल्प की अवधि में खंडित नहीं होनी चाहिए, अर्थात जब तब ज्योति जलाने का संकल्प लिया है तब तक निरंतर ज्योति जलनी चाहिए। हवा के झोंके दीपक की लौ को बुझा न सके इसलिए दीपक को कांच के गोले में रख सकते हैं।