लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए बुधवार से नामांकन शुरू हो गए हैं, लेकिन कांग्रेस अब तक 10 सीटों पर ही प्रत्याशियों के नाम का एलान कर सकी है। 18 सीटों पर अभी भी मंथन ही चल रहा है। मंगलवार को सीईसी की बैठक में मध्य प्रदेश की बाकी सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों के नामों के एलान की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन उस पर चर्चा होने से पहले ही बैठक खत्म हो गई। अब गुरुवार को कांग्रेस सेंट्रल इलेक्शन कमेटी (सीईसी) की बैठक प्रस्तावित है। कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में 15 सीटों पर सिंगल नाम पर सहमति बन गई है। तीनों सीटों पर अभी भी पेच फंसा है। इसमें गुना, बालाघाट और जबलपुर लोकसभा सीटें हैं। गुना में वीरेंद्र रघुवंशी और यादवेंद्र सिंह के नाम की चर्चा चल रही थी, लेकिन यहां से जयवर्धन सिंह को चुनाव लड़ाने को लेकर मामला फंस गया है। इसी तरह बालाघाट सीट पर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे और पूर्व विधायक हीना कांवरे को लड़ाने को लेकर असमंजस की स्थिति है। इसके अलावा जबलपुर में विधायक लखन घनघोरिया ने नए चेहरे को लड़ाने की बात कर दी है। इसके चलते इस सीट पर भी मामला उलझ गया है।
नेता प्रतिपक्ष बोले दिग्गज नेता लड़े चुनाव
राहुल गांधी मध्य प्रदेश में दिग्गजों को चुनाव लड़ने की बात कर चुके हैं। अब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी खुद के साथ ही सभी दिग्गजों को चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने स्क्रीनिंग कमेटी के सामने अनौपचारिक बातचीत में जीतू पटवारी को इंदौर, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को गुना, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को सतना, जयवर्धन सिंह को राजगढ़ और उन्होंने खुद को भी धार से प्रत्याशी बनाने का सुझाव रखा है। जबकि दिग्गज लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर चुके हैं। ऐसे में अब सीईसी की बैठक में ही साफ हो पाएगा कि दिग्गज चुनाव लड़ते हैं या नहीं।