Vat Vrat 2024: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह का खास महत्व है। इस दौरान आने वाले व्रत-त्योहार इस माह की महत्ता को बढ़ाते हैं। माना जाता है कि इस माह में पूजा-पाठ करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं। साथ ही मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु जी को प्रसन्न करने के लिए यह समय शुभ होता है। ज्येष्ठ माह में बड़ा मंगल, अपरा एकादशी, शनि जयंती और गंगा दशहरा जैसे बड़े पर्व मनाए जाते हैं। यह माह सुहागिन महिलाओं के लिए और भी खास होता है, क्योंकि इस माह में एक नहीं दो बार वट सावित्री व्रत रखा जाता है। इस दौरान एक व्रत कृष्ण पक्ष में और दूसरा व्रत शुक्ल पक्ष में रखा जाता है। इन दोनों व्रत के दिन वट वृक्ष की पूजा करने का विधान है, बिना इसके पूजा अधूरी मानी जाती है।
मान्यताओं के अनुसार इसमें त्रिदेवों -ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है, इसलिए पूजा करने पर इन तीनों देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूजा के दौरान हमेशा वृक्ष के नीचे सावित्री और सत्यवान की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए। मान्यता है कि सावित्री ने अपने पति सत्यवान के जीवन के लिए यमराज की पूजा बरगद पेड़ के नीचे की थी।
इस माह में पहला वट सावित्री व्रत 6 जून 2024 को रखा गया था। इस दौरान दूसरा वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रखा जाएगा। ऐसे में यह व्रत 21 जून 2024 को रखा जाएगा, इसे वट पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन कुछ खास पूजा मंत्र को जपने और विधिपूर्वक पूजा करने से वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है। आइए इसके बारे में जान लेते हैं।