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Maa Chandraghanta Aarti: नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की ये आरती, धन दौलत में होगी वृद्धि

Fri, 04 Oct 2024 05:09 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Shardiya Navratri 2024 Maa Chandraghanta Aarti lyrics - फोटो : अमर उजाला
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Shardiya Navratri 2024 Maa Chandraghanta Aarti lyrics: मां दुर्गा को समर्पित शारदीय नवरात्रि 3 अक्तूबर 2024 से शुरु हो चुके हैं, इसका समापन 11 अक्तूबर 2024 को नवमी के दिन होगा। अगले दिन 12 अक्तूबर को दुर्गा विसर्जन किया जाएगा। नवरात्रि में देवी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती हैं, जिससे माता रानी प्रसन्न होती हैं। मान्यता है कि दिन के अनुसार देवी की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं। वहीं  नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप 'देवी चंद्रघंटा' की आराधना की जाती है।

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कहते हैं कि देवी चंद्रघंटा पार्वती माता का विवाहित रूप हैं। उन्होंने शिव जी से विवाह करने के बाद माथे पर आधा चंद्रमा सजाना शुरू कर दिया था। इसलिए उन्हें मां चंद्रघंटा कहा जाता है। बात देवी के रूप की करें, तों उनका स्वरूप मन मोह लेने वाला है। वह हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार, बाण, धनुष, कमंडल व कमल का फूल रखती हैं। माना जाता है कि उनकी अर्चना से जातक के भाग्य में वृद्धि होती है। इस दौरान आरती करना और भी फलदायक है। इससे जातक की सभी समस्याएं दूर होती हैं। ऐसे में आइए मां चंद्रघंटा की आरती के बारे में जानते हैं।

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मां चंद्रघण्टा की आरती
जय मां चंद्रघंटा सुख धाम।पूर्ण कीजो मेरे सभी काम।
चंद्र समान तुम शीतल दाती।चंद्र तेज किरणों में समाती।
क्रोध को शांत करने वाली। मीठे बोल सिखाने वाली।
मन की मालक मन भाती हो। चंद्र घंटा तुम वरदाती हो।
सुंदर भाव को लाने वाली। हर संकट मे बचाने वाली।
हर बुधवार जो तुझे ध्याये। श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं।
मूर्ति चंद्र आकार बनाएं। सन्मुख घी की ज्योति जलाएं।
शीश झुका कहे मन की बाता। पूर्ण आस करो जगदाता।
कांचीपुर स्थान तुम्हारा। करनाटिका में मान तुम्हारा।
नाम तेरा रटूं महारानी। भक्त की रक्षा करो भवानी।।

तीसरा दिन माता चंद्रघंटा को समर्पित

मां चंद्रघंटा बीज मंत्र
ऐं श्रीं शक्तयै नम:

प्रार्थना मंत्र
पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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